Harbhajan Singh and Sreesanth Slap Incident: आईपीएल के सबसे बड़े विवादों में से एक साल 2008 में हुआ ‘थप्पड़ कांड’. दो भारतीय खिलाड़ी हरभजन सिंह और एस. श्रीसंत आईपीएल के एक मैच के दैरान जब मैदान पर आए आमने-सामने और हो गया बड़ा विवाद. IPL के पहले सीजन यानी साल 2008 में मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स (किंग्स इलेवन पंजाब) के मैच जो मोहाली के मैदान पर खेला गया उसमें मुंबई को करारी हार का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस की कमान हरभजन सिंह के हाथों में थी जिसमें पंजाब ने उन्हें 66 रनों से मात दी. दरअसल मैच खत्म होने के बाद श्रीसंत कैमरे पर रोते हुए नजर आए जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था. जिसके बाद में पता चला कि हरभजन सिंह ने उनको थप्पड़ मारा है. लेकिन बीते 17 साल से इसका कोई वीडियो देखने को नहीं मिला था.
17 साल बाद मिला थप्पड़ कांड का वीडियो
साल 2008 में हुए इस विवाद के बाद से सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा काफी होती रही है. लेकिन अब 17 साल के बाद इस घटना का वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है. फैंस वीडियों को देखने के बाद काफी हैरान हो रहे हैं. इस वीडियों में साफ देखने को मिल रहा है कि मैच खत्म होने के बाद जब दोनों टीमें हाथ मिला रही होती हैं उसी वक्त हरभजन सिंह एस. श्रीसंत को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं. थप्पड़ के बाद पहले पल के लिए श्रीसंत समझ नहीं पाए की क्या हुआ और जब कुछ खिलाड़ी उनकी तरफ आए तो वह इसका जवाब देने के लिए भज्जी की ओर बढ़े जिसपर साथी खिलाड़ियों ने उनको रोक लिया.
इस थप्पड़ कांड के बाद हरभजन सिंह पर पूरे आईपीएल सीजन के लिए बैन लग गया था इसके अलावा उनको पांच वनडे मुकाबलों से भी बाहर बाठना पड़ा.
हरभजन को इस वाकया का अफसोस
पूर्व दिग्गज स्पिनर ने 2008 में आईपीएल के पहले सीजन के दौरान हुई इस घटना पर कई बार अफसोस जताया है. इसके साथ ही हाल ही में उन्होंने स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब शो ‘कुट्टी स्टोरीज’ में बातचीत के दौरान इस बात का भी जिक्र किया था कि श्रीसंत की बेटी आज भी उनकों इस प्रकरण के लिए माफ नहीं करती है. हरभजन सिंह ने इंटरव्यू में बताया कि वह आज भी उस घटना को लेकर गहराई से पछता रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौका मिले, तो वह इस एक घटना को अपने जीवन से हमेशा के लिए हटा देना चाहेंगे. हरभजन ने बताया, “मैंने श्रीसंत से करीब 200 बार माफी मांगी. हां, उस दिन हम प्रतिद्वंद्वी थे, लेकिन मामला इस हद तक नहीं जाना चाहिए था. जो हुआ वह बिल्कुल गलत था और मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था.”
उन्होंने यह भी माना कि उस समय श्रीसंत ने उन्हें उकसाया जरूर था, लेकिन यह उनके गुस्से को सही नहीं ठहराता. उनके अनुसार, मैदान पर प्रतिस्पर्धा होना सामान्य है, लेकिन खिलाड़ियों को संयम बनाए रखना चाहिए.
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