Bihar Weather Today: बिहार में मॉनसून की सुस्ती और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं. मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 32 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. दरभंगा, मधुबनी समेत 25 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा जताया गया है.
पटना, मुंगेर और बेगूसराय में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. फिलहाल, 500 से ज्यादा गाँव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं.
तेज बारिश और यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रविवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और भागलपुर में भारी बारिश की संभावना है. जबकि पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया समेत 28 जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.
बाकी 13 जिलों में फिलहाल मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी. शनिवार को नालंदा 35.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा.
गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों में बाढ़
बारिश के बीच गंगा और कर्मनाशा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. मुंगेर में गंगा का पानी वॉर्निंग लेवल से 71 सेंटीमीटर ऊपर पहुँच चुका है. इससे पड़ोरा टोला में कटाव तेज हो गया है और करीब सौ घर खतरे में आ गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अब तक तीन घर गंगा में समा चुके हैं. बेगूसराय में भी हालात बिगड़ रहे हैं. बढ़ते जलस्तर के कारण शाम्हो प्रखंड का सड़क संपर्क लखीसराय और मुंगेर से टूट चुका है. बक्सर में स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि स्टेट हाईवे पर गंगा का पानी बहने लगा है.
राज्य भर में अब तक 502 गाँव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और हालात लगातार गंभीर हो रहे हैं.
किसानों की मुसीबतें
भारी बारिश और बाढ़ का सबसे ज्यादा असर खरीफ की फसलों पर पड़ा है. पटना जिले के 13 प्रखंडों की 115 पंचायतों में 20 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें चौपट हो चुकी हैं. धान, मक्का और सब्ज़ियों को भारी नुकसान पहुँचा है. किसानों को राहत देने के लिए कृषि विभाग ने Agriculture Relief Scheme Bihar 2025-26 के तहत आवेदन माँगे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के पहले दो हफ्तों में यदि अच्छी बारिश हुई, तो खरीफ उत्पादन को कुछ राहत मिल सकती है, खासकर धान की खेती को.
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है वहाँ लोगों को सतर्क रहना चाहिए. खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है.
ग्रामीण इलाकों में किसानों और मजदूरों को सलाह दी गई है कि बिजली चमकने और तेज हवाओं के समय खेतों या ऊँचे स्थानों पर काम करने से बचें.
पटना का मौसम
राजधानी पटना का मौसम भी इन दिनों अस्थिर बना हुआ है. रविवार को यहाँ हल्की बारिश और आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. उमस से राहत भले ही न मिले.
1 सितंबर से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, जिससे आने वाले दिनों में पूरे बिहार में झमाझम बारिश हो सकती है.
Also Read:बिहार के बांका में आभूषण कारोबारी की हत्या, ज्वेलरी शोरूम में घुसे लुटेरों ने गोलियों से कर दिया छलनी