Raid In Bihar: बिहार में एक के बाद एक भ्रष्ट अधिकारियों पर निगरानी की टीम शिकंजा कस रही है. इसी कड़ी में निगरानी ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक और इंजीनियर को निशाने पर लिया है. निगरानी की टीम द्वारा मोकामा में पदस्थापित सहायक अभियंता नागेंद्र कुमार के पटना, गया और मोकामा आवास पर छापेमारी की गई.
देर रात तक चली छापेमारी
गयाजी के मूल निवासी नागेंद्र कुमार के आवास पर आय से अधिक संपत्ति मामले में शुक्रवार को देर रात तक चली छापेमारी में बड़ी संख्या में निवेश के कागजात मिले हैं. नागेंद्र कुमार पटना के बोरिंग रोड स्थित स्नेह, प्लाजा अपार्टमेंट सरदार पटेल पथ, उत्तरी श्रीकृष्णापुरी में किराये के मकान में रहते हैं.
इन ठिकानों पर हुई छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, निगरानी ब्यूरो ने उनके विरूद्ध लगभग 73,32,785 रुपया का अधिक धनार्जन का कांड दर्ज किया गया है. यह उनकी कुल ज्ञात आय से करीब 125.69 प्रतिशत अधिक है. निगरानी सूत्रों के अनुसार निगरानी ब्यूरो की तीन टीम नागेंद्र कुमार के पटना के दो ठिकानों पर आवास, कार्यालय और गयाजी के ग्राम कुजाप, थाना चन्दौती में आवास की तलाशी की गई. इस तरह से हुई छापेमारी से हड़कंप मच गया.
इससे पहले विनोद कुमार राय पर शिकंजा
मालूम हो इससे पहले ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षक अभियंता विनोद कुमार राय पर ईओयू ने शिकंजा कसा था और गिरफ्तार किया गया था. मामले में लाखों के नोट जला दिए गए थे. जांच में पता चला कि आरोपी अभियंता की बिहार सहित बाहर कई राज्यों में प्रॉपर्टी है. उनके और उनके करीबियों के करीब 24 डीड पेपर मिले हैं.
भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार
इसके अलावा बिहार में रोसड़ा और ओड़िसा में कंस्ट्रक्शन से जुड़ी फैक्ट्री भी मिली है. जानकारी के मुताबिक, अवैध कमाई से जुड़े कई स्रोतों को देखते हुए जल्द ही अभियंता पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में डीए का अलग केस दर्ज हो सकता है. इस तरह से लगातार भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है.
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