Bihar Politics पूर्व केंद्रीय मंत्री सह रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस शनिवार को संपत्ति विवाद पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मैं भी चाहता हूं कि दिल्ली से लेकर शहरबन्नी के संपत्ति का बंटवारा हो जाए. वक्फ वोर्ड पर अपने भतीजे चिराग पासवान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि चिराग पासवान ने अपने पिता के सपने और सिद्धान्तों के विरुद्ध लोकसभा में वक्फ बिल का समर्थन किया.
चिराग ने उनके विचारधार के खिलाफ में बिल का सपोर्ट किया है. वह शनिवार को जिला कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे. वफ्फ बिल का विरोध करते हुए पशुपति ने कहा कि अकलियत के साथ अन्याय हुआ है. भारत एक बगीचा है. इसमें सभी प्रकार के फूल खिलते हैं. सभी धर्म के लोग हैं. सबका अपना मौलिक अधिकार है. बड़े भाई रामविलास पासवान ने जीवन भर इसका पुरजोर समर्थन किया. लोकसभा में जिस तरीके से बिल आया और राज्यसभा में भी बिल पास हुआ है, पार्टी उसका विरोध करती है.
दल बंट गया तो जुड़ सकता, दिल बंटा, तो नहीं जुड़ता
पशुपति ने कहा कि दल बंट गया, तो जुड़ सकता है, लेकिन दिल बंट गया, तो नहीं जुड़ता है. वे भी चाहते हैं कि घर से लेकर दिल्ली तक की संपत्ति का बंटवारा हो जाये. शहरबनी, खगड़िया, पटना और दिल्ली तक की संपत्ति का बंटवारा हो. संपत्ति विवाद पर कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत यह हो रहा है. कुछ दिनों में सब कुछ साफ हो जाएगा.
बड़ी भाभी तो मां हैं
उन्होंने कहा कि बड़ी भाभी, जिन्हें मैं बड़ी मां मानता रहा हूं . 50 सालों से खगड़िया के घर में रह रही हैं. यह पैतृक संपत्ति है. जहां तीनों भाइयों के परिवार रहते हैं. हम राम, लक्ष्मण, भरत की तरह रहते थे. यह राजनीतिक मनभेद का मामला है. भाभी राजकुमारी देवी पढ़ी-लिखी नहीं हैं. थाने में जो शिकायत दर्ज हुई है, उसमें उनका अंगूठा लगाया गया है. यह जांच का विषय है.