संवाददाता,सीवान.जमीनों के खरीद बिक्री की संख्या में बढ़ोतरी को आमतौर पर आर्थिक विकास के साथ जोड़ कर देखा जाता है.लिहाजा इस क्षेत्र में भी महिलाएं पीछे नहीं हैं. जिले में जमीन रजिस्ट्री कराने के मामले में एक अनुमान के मुताबिक पुरुषों के बजाय महिलाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुयी है.यह संख्या पचीस फीसद से अधिक है.हाल के वर्षों में बैनामा की संख्या बढ़ने का नतीजा है कि वर्ष 2024-25 में 2 अरब 6 करोड़ 43 लाख 24 हजार 145 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.यह अब तक की सबसे बड़ी आय मानी जा रही है. दो वर्षों में बढ़ा जमीनों के बैनामा की संख्या जिले में जमीन रजिस्ट्री को लेकर छह स्थानों पर निबंधन कार्यालय ये हैं.जहां वर्ष 2023-24 में 40 हजार 176 बैनामा हुआ.जिससे विभाग को कुल 1 अरब 70 करोड़ 59 लाख 15 हजार 781 रुपये की आय हुई.जबकि वर्ष 2024- 25 में रजिस्ट्री की संख्या बढ़कर 47 हजार 780 हो गयी.जिनसे कुल 2 अरब 6 करोड़ 43 लाख 24 हजार 145 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ.ऐसे में में दोनों वर्षों में बढ़ी हुयी रजिस्ट्री की संख्या 7 हजार 604 रही. जिनसे अतिरिक्त 35 करोड़ 84 लाख 8 हजार 3664 रुपये की अतिरिक्त राजस्व वसूली हुई. सीवान सर्किल आगे तो दरौली रहा सबसे पीछे जिले के छह सर्किल में से सीवान में वर्ष 2024-25 में एक अरब 9 करोड़ 60 लाख 98 हजार 910 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.जिसमें बैनामा कराने वालों की संख्या 17859 रही.यही संख्या 2023-24 में 15546 रही.जिससे 96 करोड़ 72 लाख 77 हजार 974 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.वहीं दरौली निबंधन कार्यालय पर 2023- 24 में 3124 जमीनों की रजिस्ट्री हुई जिससे सरकार को 8 करोड़ 99 लाख 74 हजार 950 रुपये की राजस्व प्राप्त हुई. वहीं 2024-25 में 3576 जमीनों की रजिस्ट्री हुई. जिससे 10 करोड़ 96 लाख 61 हजार 694 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. दरौली निबंधन कार्यालय पर 2023-24 के मुकाबले 2024-25 में 452 रजिस्ट्री ज्यादा हुई और सरकार को पिछले साल के मुकाबले 1 करोड़ 96 लाख 86 हजार 744 रुपये ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ. बसंतपुर निबंधन कार्यालय पर 2023- 24 में 5166 जमीनों की रजिस्ट्री से 13 करोड़ 82 लाख 50 हजार 385 रुपये तथा 2024-25 में 6318 जमीनों की रजिस्ट्री से 18 करोड़ 62 लाख 55 हजार 414 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. बड़हरिया निबंधन कार्यालय पर 2023- 24 में 6339 जमीनों की रजिस्ट्री से 19 करोड़ 46 लाख 10 हजार 116 रुपये व 2024-25 में 7767 जमीनों की रजिस्ट्री से 24 करोड़ 87 लाख 11 हजार 263 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. महाराजगंज में 2023- 24 में 4563 जमीनों की रजिस्ट्री से 15 करोड़ 51 लाख 7 हजार 558 रुपये व 2024-25 में 5546 जमीनों की रजिस्ट्री से 21 करोड़ 17 लाख 35 हजार 869 रुपये का राजस्व हासिल हुआ. रघुनाथपुर निबंधन कार्यालय पर 2023- 24 में 5438 जमीनों की रजिस्ट्री से 16 करोड़ 6 लाख 94 हजार 798 रुपये व 2024-25 में 6714 जमीनों की रजिस्ट्री से 21 करोड़ 18 लाख 60 हजार 995 रुपये सरकारी खजाने में जमा हुआ. ऑनलाइन रजिस्ट्री से फर्जीवाड़े में आयेगी कमी एकअप्रैल से ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हुई है.जमीन रजिस्ट्री के नियमों में बदलाव किया गया है. बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य में जमीन की खरीद बिक्री पूरी तरह से पेपरलेस की जा रही है. राज्य के 137 रजिस्ट्री कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरु हो गई है. बाकी चीजों की तरह ही जमीन की रजिस्ट्री भी अब ऑनलाइन हो रही है. नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री पूर्ण होते ही विक्रेता का रकबा तुरंत घटेगा. रजिस्ट्री के साथ ही विक्रेता के हिस्से की जमीन कम हो जायेगी. तुरंत ही खरीददार के नाम पर मालिकाना जमाबंदी तैयार हो जाएगी. इस नई व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी. विक्रेता एक ही जमीन को दोबारा किसी और को नहीं बेच सकेगा.
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