Education news from Samastipur:समस्तीपुर : जिला शिक्षा विभाग का डीपीओ स्थापना कार्यालय द्वारा 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्ति के पूर्व हर हाल में वेतन का भुगतान करने का दावा कोरा कागज साबित हुआ. जिला में माध्यमिक संवर्ग में बड़े पैमाने पर शिक्षकों को तीन माह से वेतन का भुगतान लंबित रह गया. ज्ञात हो कि निदेशक प्राथमिक शिक्षा द्वारा वित्तीय वर्ष समाप्ति के पूर्व प्रान जेनेरेट विशिष्ट शिक्षकों को वेतन भुगतान का आदेश दिया गया था. लेकिन जिला में माध्यमिक संवर्ग में अधिकांश विशिष्ट शिक्षकों के वेतन का भुगतान नहीं किया गया. निदेशालय के द्वारा 1 अप्रैल को जारी किये गये डाटा पर गौर करें तो फरवरी तक के वेतन भुगतान मामले में जिला 18 वें स्थान पर रहा. प्राप्त सूचना अनुसार बालिका उवि काशीपुर में 4, मोडेल इंटर विद्यालय बहादुर में 4, गोल्फ फील्ड विद्यालय में 3,बालिका उवि पूसा 5, उवि बढ़ौना में 4, विद्यापत्ति उत्तर में 5 शिक्षक,उवि रुपौली में 4, सीएच उवि दलसिंहसराय 4, बालिका उवि दलसिंहसराय में 3, आरएच उवि में 2 शिक्षकों सहित जिला में माध्यमिक संवर्ग के करीब तीन सौ से ऊपर शिक्षकों का एक माह का भी वेतन भुगतान नहीं किया गया. शिक्षकों का कहना है कि जिला यदि वेतन भुगतान मामले में तत्परता दिखता तो शिक्षकों को वेतन मिल सकता था. इधर, डीपीओ स्थापना ने 1 अप्रैल को तकनीकी योगदान से वंचित 355 शिक्षकों की सूची जारी करते हुए बीइओ से रिपोर्ट तलब किया है. जिस पर भी प्रश्न खड़े किये जा रहे हैं.
– करीब दो हजार शिक्षकों का नहीं हुआ वेतन भुगतान
शिक्षकों को कहना है कि डीपीओ स्थापना कार्यालय से जो सूची वित्तीय वर्ष समाप्ति के बाद जारी किया जा रहा है यदि वह पूर्व में जारी किया जाता तो समय रहते निदान किया जा सकता था. जानकारों का कहना है कि जिला में प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर के वेतन भुगतान से वंचित करीब 2000 सक्षमता प्रथम उत्तीर्ण विशिष्ट शिक्षकों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. वित्तीय वर्ष में नये आवंटन आने पर ही उनका वेतन का भुगतान संभव है. बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रमण्डल उपाध्यक्ष रणजीत कुमार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से ऑनबोर्डिंग और वेतन भुगतान से वंचित शिक्षकों की पहचान कर जल्द से जल्द प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है.
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