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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बीएस रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए किसने किया मजबूर?


Justice B Sudarshan Reddy News: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने जा रहे हैं. उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. अलग-अलग राज्यों में जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. सभी राज्यों और सभी पार्टियों के लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों से वोट देने की अपील कर रहे हैं. इसी सिलसिले में जस्टिस बीएस रेड्डी शनिवार (30 अगस्त) को झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे थे. यहां उन्होंने पत्रकारों को भी संबोधित किया. जस्टिस रेड्डी ने पत्रकारों को बताया कि आखिर उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए उन्हें किसने मजबूर किया.

दिशोम गुरु के आंदोलन और हेमंत सोरेन के जेल जाने की वजह पर भी की बात

जस्टिस बीएस रेड्डी ने पत्रकारों के सवाल लेने से पहले अपने बारे में, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बारे में, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरप्तारी के बारे में बात की. उन्होंने देश के संविधान की बात की. संविधान में केंद्र और राज्य सरकारों को मिले अधिकार की बात की. साथ ही यह भी बताया कि उन्हें उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए किसने मजबूर किया.

Justice B Sudarshan Reddy News: 2007 से 2011 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे बीएस रेड्डी

वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे बालकृष्ण सुदर्शन रेड्डी को कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी गठबंधन इंडिया (इंडयन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) ने उन्हें अपना साझा उम्मीदवार बनाया है. इस गठबंधन के सभी दलों का समर्थन उन्हें प्राप्त है. जस्टिस बीएस रेड्डी कहते हैं कि वह सभी दलों के लोगों से अपील करेंगे कि वे उनके (जस्टिस रेड्डी के) पक्ष में मतदान करें. इसलिए वह झारखंड आये हैं.

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संविधान ने सबकी सीमा तय की है – जस्टिस रेड्डी

जस्टिस रेड्डी ने कहा कि भारत के जो आज हालात हैं सभी देख रहे हैं. अगर आपका पास बहुत है, तो आप कुछ भी करेंगे, ऐसा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि संविधान ने सीमाएं भी बतायीं हैं. राज्यों की अलग सीमा है. केंद्र सरकार के काम करने की अपनी सीमा है. इसलिए कोई मनमानी नहीं कर सकता.

जस्टिस रेड्डी की अंतरात्मा ने किया चुनाव लड़ने को मजबूर

जस्टिस रेड्डी ने बताया कि संविधान के साथ उनकी यात्रा 1971 में शुरू हुई थी. यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि वह उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए मजबूर हुए. किसी पार्टी ने उन्हें मजबूर नहीं किया. विपक्षी दलों ने जब उनके उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा, तो उनकी अंतरात्मा ने यह चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया. इसलिए वह चुनाव लड़ रहे हैं. सांसदों से वोट मांग रहे हैं.

झारखंड के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण से है रेड्डी का मुकाबला

सत्ताधारी गठबंधन एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) ने झारखंड के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है. उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा. इस दिन दक्षिण भारत के दिग्गज राजनेता सीपी राधाकृष्णन और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बालकृष्ण सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है. उसी दिन शाम में फैसला आ जायेगा कि जगदीप धनखड़ की जगह उपराष्ट्रपति के पद पर कौन बैठेगा. सीपी राधाकृष्णन या जस्टिस बीएस सुदर्शन रेड्डी.

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