बीएस रेड्डी का इमोशनल कार्ड, गुरुजी को दी श्रद्धांजलि, हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को व्यक्तिगत गरिमा से जोड़ा
Vice President Election 2025: उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी शनिवार (30 अगस्त) को झारखंड में थे. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, प्रदेश प्रभारी के राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के साथ राजधानी रांची के कांके रोड स्थित सीएम आवास में प्रेस को संबोधित किया. इस दौरान जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने झारखंड में इमोशनल कार्ड खेला. उन्होंने सबसे पहले दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी. फिर भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे के बारे में बात की. फिर हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया और उसे झारखंड के सीएम के आत्मसम्मान से जोड़ा.
‘हेमंत सोरेन के साथ क्या हुआ, आप सबने देखा’
उपराष्ट्रपति पद के इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार ने कहा कि आप सबने देखा कैसे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कुछ आरोपों में जेल भेजा गया. सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन को बरी कर दिया. उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला. हेमंत सोरेन बरी हो गये, लेकिन उनके आत्मसम्मान का क्या? उनकी गरिमा को जो ठेस पहुंची है, उसका जवाब उच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों को देना होगा.
‘शिबू सोरेन का जीवन लोगों के प्रति समर्पित था- जस्टिस रेड्डी
हिंदी और अंग्रेजी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने सबसे पहले दिल की गहराईयों से गुरुजी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि गुरुजी ने अपना पूरा जीवन लोगों के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने अलग झारखंड राज्य भी हासिल किया. उन्होंने बताया कि वह आज यहां क्यों आये हैं और क्यों यहां बैठे हैं.
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‘1971 में संविधान के साथ मेरी जीवनयात्रा शुरू हुई, आगे भी जारी रहेगी’
जस्टिस रेड्डी ने कहा कि देश की क्या परिस्थिति है. उन्होंने ‘भारत का संविधान’ की प्रति दिखाते हुए कहा कि संविधान के साथ उनकी यात्रा की शुरुआत वर्ष 1971 में हुई. और आज भी वह यात्रा अनवरत जारी है. आज वह उपराष्ट्रपति पद के विपक्ष के साझा उम्मीदवार हैं. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद बहुत महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है.
‘हेमंत सोरेन पर कुछ इल्जाम लगे और उन्हें जेल भेज दिया’
जस्टिस रेड्डी ने कहा कि हमारे संविधान में क्या है. अगर आप एक-एक पन्ना पलटकर पढ़ते जायेंगे, तो उसे पूरी तरह समझ नहीं पायेंगे. उन्होंने कहा कि संविधान समानता, सम्मान, सामाजिक, आर्थिक और न्याय की बात करता है. व्यक्तिगत गरिमा की भी बात संविधान करता है. आप सभी जानते हैं कि हेमंत सोरेन जी के साथ जो कुछ भी हुआ. उन पर कुछ इल्जाम लगे. ऐसा क्यों हुआ? क्यों ऐसे हालात देश में पैदा हुए? कौन इसके जिम्मेदार हैं? आज हेमंत सोरेन जी हमारे साथ बैठे हैं. वह न्यायिक प्रक्रिया की वजह से हैं. वह संवैधानिक पद पर बैठे हैं. मैं भी ज्यूडिशियरी का व्यक्ति हूं.
हेमंत सोरेन की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा धूमिल हुई – रेड्डी
उपराष्ट्रपति पद के विपक्ष के साझा उम्मीदवार बीएस रेड्डी ने कहा कि जिस तरीके से उनको (हेमंत सोरेन) सताया गया, जिस तरीके से उनके साथ बर्ताव किया गया, उससे उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा धूमिल हुई. इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं? जस्टिस रेड्डी ने कहा कि इसके पीछे वो सभी लोग जिम्मेदार हैं, जो संवैधानिक पदों पर बैठे हैं. उन्हें इसका जवाब देना होगा. जब वह गिरफ्तार किये गये, तो मैंने देखा कि संवैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ.
‘सोरेन और उनके सहयोगियों के साथ क्या हुआ, उसका जवाब मांगते रहेंगे’
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि हमारे देश में संविधान ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता के अधिकारों का संरक्षक माना गया है. जब हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हुई, तो उनकी गरिमा का क्या हुआ? हेमंत सोरेन और उनके कैबिनेट के सदस्यों के साथ क्या हुआ? इन सवालों का जवाब हम मांगते रहेंगे. जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलेंगे, लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं रहेगा.
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