National Highway: अक्सर शिकायत रहती है कि टोल के कारण जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है. टोल सिस्टम को आधुनिक बनाने के तमाम प्रयास के बावजूद शहरी क्षेत्रों में टोल पर जाम की समस्या बनी हुई है. इस समस्या को दूर करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्रणाली लागू किया है. इसका मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को निर्बाध और बाधा-मुक्त टोल की सुविधा मुहैया कराना है.
शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबद्ध भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने गुजरात के चोर्यासी शुल्क प्लाजा में एनएच-48 पर देश की पहली व्यापक मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोल प्रणाली लागू करने का समझौता किया है और इसके लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसे पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूद टोल पर चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है.
यह समझौता भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव और एनएचएआई, आईएचएमसीएल तथा आईसीआईसीआई बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का दावा है कि आने वाले समय में टोल सिस्टम आधुनिक होगा और टोल पर जाम की समस्या दूर हो जाएगी.
टोल प्लाजा को लेकर आधुनिक तकनीक अपनाने का हो रहा है काम
टोल को जाम मुक्त बनाने के लिए यह समझौता काफी अहम होगा. समझौते के तहत फास्टैग के जरिये निर्बाध इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह संभव होगा. फिलहाल गुजरात स्थित चोर्यासी शुल्क प्लाजा देश का पहला बाधा-मुक्त टोल प्लाजा होगा. इसके अलावा हरियाणा के घरौंदा शुल्क प्लाजा में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल व्यवस्था लागू करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 25 राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल व्यवस्था लागू करने की योजना बना रहा है. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए टोल प्लाजा की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है.
समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्रणाली को लागू करने का यह समझौता देश में टोल के विकास और आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण कदम है. टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर टोल व्यवस्था को अधिक कुशल, पारदर्शी और उपभोक्ताओं के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी.
मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्रक्रिया एक बाधा रहित टोल प्रणाली है जो उच्च प्रदर्शन वाले आरएफआईडी रीडर्स और एएनपीआर कैमरों द्वारा फास्टैग और वाहन पंजीकरण संख्या (वीआरएन) को पढ़कर लेनदेन को सक्षम बनाने का काम करेगी. यह टोल प्लाजा पर वाहनों को रोके बिना निर्बाध टोल संग्रह को सक्षम बनाने का काम करेगी और इससे भीड़भाड़ और यात्रा पर लगने वाले समय में कमी आएगी.