PM Modi Japan Visit: 29 और 30 अगस्त 2025 को जापान पहुंचे पीएम मोदी का यह आठवां दौरा है. पीएम मोदी जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ शुक्रवार को पहली शिखर बैठक भी की. ट्रंप टैरिफ के दबाव में यह यात्रा भारत के लिए आर्थिक विकास को नई दिशा और दशा दे सकता है. पीएम मोदी के साथ जापानी प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को अगले 10 सालों के रोडमैप पर चर्चा की. जापान अगले एक दशक में भारत में 10 हजार अरब येन के निवेश का लक्ष्य रखा है. दोनों देश महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार कर रहे हैं. व्यापार में ट्रंप प्रशासन की नीतियों के कारण आर्थिक उथल-पुथल के बीच पीएम मोदी का जापान दौरा काफी अहम माना जा रहा है.
10 सालों का रोडमैप तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिगेरू इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के विस्तार की घोषणाएं कर दी गई. पीएम मोदी ने इशिबा के साथ मीडिया को दिए अपने बयान में कहा “हमने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 हजार अरब येन के निवेश का लक्ष्य रखा है. हमने निवेश, नवाचार और आर्थिक सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए 10 वर्षीय रोडमैप तैयार किया है.” अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और जापान स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योग और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का भी फैसला लिया है.
विश्वास पर आधारित है भारत-जापान साझेदारी- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और साइबर सुरक्षा के संबंध में भारत और जापान की चिंताएं एक जैसी हैं. उन्होंने कहा कि रक्षा और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में दोनों पक्षों के साझा हित हैं. पीएम मोदी ने कहा “भारत-जापान साझेदारी आपसी विश्वास पर आधारित है, हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करती है तथा हमारे साझा मूल्यों और विश्वासों से आकार लेती हैं.” उन्होंने कहा कि एक बेहतर विश्व के निर्माण में मजबूत लोकतंत्र स्वाभाविक साझेदार होते हैं. वहीं जापान के प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों को अगली पीढ़ी की चुनौतियों से निपटने के लिए एक-दूसरे की शक्ति का लाभ उठाने की जरूरत है.
क्यों जापान दौरा माना जा रहा बेहद अहम
पीएम मोदी का मौजूदा जापान दौरा कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है. यह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को और गति देने वाला है. मारुति सुजुकी जैसे जापानी ब्रांड्स इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात शुरू कर चुके हैं, जो अमेरिकी बाजार की कमी को पूरा कर सकता है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में जापानी तकनीक का समझौता होगा, जो भूकंप-प्रतिरोधी और ड्राइवरलेस है. तकनीकी मोर्चे पर भी ब्रेकथ्रू की पूरी संभावना है. पीएम मोदी अपने दौरे में सेमीकंडक्टर प्लांट का दौरा करेंगे जहां AI, रोबोटिक्स, अर्धचालक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग पर फोकस होगा. रक्षा में नौसेना जहाज रखरखाव और को-प्रोडक्शन पर भी सहमति बन रही है, जो भारत-जापान संबंध को और मजबूत करेगा.
22 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार
भारत और जापान के बीच 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 22 अरब डॉलर से ज्यादा का रहा है. आने वाले दिनों में दोनों देश अपने व्यापार को और बढ़ाने वाले हैं. 10 वर्षों का रोडमैप तैयार किया गया है. जिसमें जापान, भारत में 10 हजार अरब येन के निवेश का लक्ष्य रखा है.
हाई स्पीड रेल परियोजना में सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल भारत और जापान के बीच एक प्रमुख परियोजना है और हमारा कुछ वर्षों में यात्री सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य है. पीएम मोदी ने बताया कि हमारा लक्ष्य देश में हाई स्पीड रेल का 7,000 किलोमीटर लंबा नेटवर्क बनाना है. जापान के अखबार योमिउरी शिंबुन को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि इसका अधिकतर हिस्सा मेक इन इंडिया के माध्यम से होगा, ताकि यह कार्यक्रम टिकाऊ एवं व्यवहारिक हो. उन्होंने यह भी कहा “मैं इस प्रयास में जापानी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करता हूं.” प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना भारत और जापान के बीच एक प्रमुख परियोजना है.
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक प्रमुख स्रोत
पीएम मोदी ने अपने दौरे में कहा जापान पीढ़ियों से भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में एक विश्वसनीय साझेदार रहा है. जापान मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, रसायन, वित्त एवं दवा सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक प्रमुख स्रोत भी रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में जापानी कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अभी इनका आंकड़ा 1,500 का हो गई है, जबकि 400 से अधिक भारतीय कंपनियां जापान में काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यह तो शुरुआत भर है आने वाले समय में संभावनाएं इससे कहीं अधिक हैं.
जापान खोल सकता है वैकल्पिक बाजार और निवेश का द्वार
पीएम मोदी के जापान दौरे से साफ है कि ट्रंप टैरिफ के बीच जापान भारत के लिए वैकल्पिक बाजार और निवेश का नया दरवाजा खोल सकता है. जनसांख्यिकीय पूरकता से भारत की युवा शक्ति जापान की वृद्धावस्था समस्या का हल कर सकती है. पीएम मोदी का यह दौरा न केवल आर्थिक बूस्टर साबित हो सकता है. बल्कि यह ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति के जवाब में भारत की बहुपक्षीय कूटनीति भी साबित हो सकता है. वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत-जापान साझेदारी एशियाई सदी की नींव रख सकती है.
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