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देश के स्कूलों में इंटरनेट और कंप्यूटर की पहुंच का हो रहा है विस्तार


Education: देश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो रहा है. छात्र और शिक्षक अनुपात के अलावा स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा लगातार बेहतर हो रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से गुरुवार को यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस 2024-25 की रिपोर्ट जारी की गयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में शिक्षकों की संख्या के साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात और स्कूलों में आधारभूत सुविधा पहले के मुकाबले बेहतर हुई है. देश के स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा पिछले दो साल में 30 फीसदी से अधिक बढ़ी है. हालांकि अभी भी देश के 35 फीसदी स्कूल में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा नहीं है. 

रिपोर्ट के अनुसार देश के 64.7 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर ताे 63.5 फीसदी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा है. जबकि वर्ष 2022-23 में  सिर्फ 49.7 फीसदी स्कूलों में ही इंटरनेट और 47.7 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा थी. मौजूदा समय में देश में लगभग 15 लाख स्कूल हैं. रिपोर्ट के अनुसार पहली बार देश में शिक्षकों की संख्या एक करोड़ से अधिक हुई है और यह 1.01 करोड़ हो गयी है. वर्ष 2022-23 के मुकाबले मौजूदा समय में शिक्षकों की संख्या में 6.7 फीसदी की वृद्धि हुई है. शिक्षकों की संख्या बढ़ने से छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर हुआ है. प्राथमिक स्तर पर 13 तो मिडिल कक्षाओं में 17 छात्रों पर एक शिक्षक वहीं सेकेंडरी स्तर पर 21 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात सामने आया है. 

ड्रॉप आउट दर में आयी है कमी

रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के बीच में स्कूल छोड़ने के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गयी है. माध्यमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर 10.9 फीसदी से कम कम हो होकर  8.2 फीसदी हो गया है. खास बात है कि देश के 93.6 फीसदी स्कूलों में बिजली, 99.3 फीसदी स्कूलों में पीने के पानी, 97.3 फीसदी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय, 95.9 फीसदी स्कूलों में हाथ धोने की सुविधा के साथ लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है. रिपोर्ट के अनुसार देश के स्कूलों में महिला शिक्षकों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में महिला शिक्षकों की भागीदारी बढ़कर 54.2% हो गई है.

वर्ष 202-23 में महिला शिक्षकों की संख्या 52.3 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 54.2 फीसदी हो गयी है. रिपोर्ट के अनुसार  शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के दौरान मध्य और माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. मध्य स्तर पर जीईआर 2023-24 में 89.5 फीसदी से बढ़कर 90.3 फीसदी,  माध्यमिक स्तर पर यह 66.5 फीसदी से बढ़कर 68.5 फीसदी हो गया है. यह बढ़ोतरी शिक्षा तक बेहतर पहुंच और उच्च कक्षाओं में छात्रों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है. जीईआर में निरंतर वृद्धि स्कूल प्रणाली में महत्वपूर्ण संक्रमण बिंदुओं पर व्यापक शैक्षिक समावेशन और प्रतिधारण की दिशा में प्रगति का सकारात्मक संकेत माना जा सकता है.

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