PM Modi Sri Lanka Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय श्रीलंका दौरे पर हैं. इस दौरान उन्हें श्रीलंका का सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया. पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच वार्ता के बाद 7 अहम समझौते हुए. जिसपर दोनों ने हस्तक्षर भी किए.
- रक्षा सहयोग समझौता: भारत और श्रीलंका के बीच सबसे पहला और सबसे अहम समझौता रक्षा सहयोग को लेकर हुआ. यह हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर केंद्रित है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “नेतृत्व स्तर पर यह मान्यता भी है कि भारत और श्रीलंका के सुरक्षा हित एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जो मौजूदा रक्षा साझेदारी को और गति प्रदान करेगा.”
- ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग: भारत, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ. इसमें श्रीलंका को ऊर्जा हब बनाने की दिशा में सहयोग शामिल है. दोनों पक्षों ने त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए1
- डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ने सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना का भी डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया. दोनों देशों के बीच सूचना-तकनीक और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ. इस समझौते का उद्देश्य तकनीकी विकास में साझेदारी है.
- सोलर पावर प्रोजेक्ट: नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए एक समझौता हुआ.
- स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग: स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान में सहयोग के लिए एक समझौता हुआ. इस समझौते का लाभ दोनों देशों के नागरिकों को मिलेगा.
- फार्मास्युटिकल सहयोग: श्रीलंका और भारत के बीच दवा उद्योग में सहयोग को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ. जिसमें दवाओं की आपूर्ति और संयुक्त अनुसंधान शामिल हो सकता है.
- सांस्कृतिक और धार्मिक जीर्णोद्धार: श्रीलंका में सीता एलिया सहित कई मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भारत ने सहयोग का भरोसा दिया है.
श्रीलंका के साथ महत्वपूर्ण समझौते के बाद पीएम मोदी ने क्या कहा?
श्रीलंका के साथ 7 अहम समझौते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि हमारे सुरक्षा हित समान हैं. दोनों देशों की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़ी हुई है और एक दूसरे पर निर्भर है.” “मैं भारत के हितों के प्रति राष्ट्रपति दिसानायके की संवेदनशीलता के लिए उनका आभारी हूं। हम रक्षा सहयोग के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण समझौतों का स्वागत करते हैं.”
श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने अपने बयान में क्या कहा?
श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आश्वासन दिया है कि श्रीलंका अपने भूभाग का इस्तेमाल किसी भी तरह से भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल कदमों के लिए नहीं होने देगा. श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि जरूरत के समय में भारत द्वारा श्रीलंका को दी गई सहायता और निरंतर बरकरार एकजुटता अत्यंत मूल्यवान है.