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दिल्ली सरकार की वजह से नहीं रुकेगा डीयू का कोई भी काम



DU: दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) का कोई भी काम हो, वो दिल्ली सरकार की वजह से नहीं रुकेगा. दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मुझे लीडर बनाने वाला दौलत राम कॉलेज है. अपने नेता बनने की कहानी बताते हुए उन्होंने कहा कि जब वर्ष 1993 में मैं दौलत राम कॉलेज में पहले में आई तो पूरे साल कॉलेज में हड़ताल चलती रही. इसके कारण छात्र संघ के प्रतिनिधियों से संपर्क बढ़ा और फिर एबीवीपी के संपर्क में आ गयी. फाइनल ईयर में में छात्र संघ का अध्यक्ष बन गयी. एक स्कूटी पर चलकर डीयू व कॉलेजों और दिल्ली में राजनीतिक कार्यक्रम किए. उस समय मैंने  सोचा भी नहीं था कि दिल्ली की जिन सड़कों पर घूम रही हूं, इन सड़कों को कभी ठीक करवाने की जिम्मेवारी मेरी होगी.

कभी यह नहीं सोचा था कि जिस कुलपति ऑफिस पर धरने करते थे, कभी उसमें सम्मान मिलेगा और वहां मंच से बोलना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि डीयू छात्र होने के नाते जो फर्ज मेरा है उसे पूरी जिम्मेदारी से पूरा करने का काम होगा. दिल्ली में पर्यटन स्थलों के साथ ही एजुकेशनल ट्यूरिजम भी बढ़े, इस पर काम होगा. उन्होंने डीयू की गलियों से जुड़ी यादों को ताजा करते हुए दौलत राम कॉलेज के सामने वाली दीवार, भेलपूरी और लैमन सोडे को भी याद किया. 

 
डीयू और दिल्ली सरकार मिलकर करेंगे काम

इस मौके पर कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि अपने बच्चों की तरक्की से जैसे अभिभावक और शिक्षक खुश होते हैं वैसे ही यूनिवर्सिटी और कॉलेज भी खुश होते हैं. डीयू की छात्र रेखा गुप्ता का दिल्ली की मुख्यमंत्री बनना हम सबके लिए गर्व और सम्मान की बात है. डीयू को एक छात्रा के रूप में देखा, डूसू अध्यक्ष के रूप में देखा, एक नगर पार्षद के रूप में देखा और अब एक मुख्यमंत्री के रूप में देखने की बारी है. कुलपति ने कहा कि डीयू की छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री रोल मॉडल और प्रेरणा स्रोत होंगी. उन्होंने डीयू में एकल बालिका एवं अनाथ बच्चों के लिए दाखिलों में सीटों के आरक्षण सहित डीयू की कई नयी पहलों की जानकारी दी.

इस दौरान दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर सविता रॉय ने अपने कॉलेज की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत किया. इस दौरान पर डीयू दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रोफेसर प्रकाश सिंह और डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर रंजन त्रिपाठी सहित अनेकों डीन, विभागाध्यक्ष, प्रिंसिपल, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी तथा सैंकड़ों छात्र मौजूद रहे.