Transport: देश में हर साल लाखों लोगों की सड़क हादसे में जान चली जाती है. इसकी एक बड़ी वजह ड्राइवरों के प्रशिक्षण की कमी है. मौजूदा समय में देश में 22 लाख प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी है. लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने ड्राइवरों के प्रशिक्षण के लिए ट्रेनिंग संस्थान बनाने के लिए 4500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. उन्होंने कहा कि देश 22 लाख कुशल ड्राइवरों की कमी का सामना कर रहा है. उचित प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी के कारण कई दुर्घटनाएं हो रही हैं. प्रश्नकाल के दौरान गडकरी ने कहा कि केंद्र ने ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए 4,500 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है.
सभी राज्यों में स्थापित होंगे ट्रेनिंग सेंटर
इस योजना के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से ड्राइवरों के लिए ट्रेनिंग संस्थान बनाया जा रहा है. इस योजना के तहत 1600 ट्रेनिंग संस्थान खोलने की योजना है. सरकार आर्थिक, सामाजिक तौर पर पिछड़े और आकांक्षी जिलों में ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए यह राशि 1.5 करोड़ है. उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है. इस कमी को दूर करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.
रोजगार के अवसर होंगे पैदा
गडकरी ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से क्लस्टर दृष्टिकोण सहित ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र और ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (डीटीसी) की स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया गया है. नयी नीति को इसी साल जनवरी से लागू किया गया है. इस योजना के तहत राज्यों की ओर से अब तक 32 प्रस्ताव आए है. इस योजना के क्रियान्वयन से लगभग 50 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है. पेशेवर ड्राइवर होने से सड़क हादसों में भी कमी आयेगी. देश में इस योजना से ड्राइवरों को पेशेवर बनाने में मदद मिलेगी. सरकार की कोशिश सड़क सुरक्षा को बेहतर कर हादसों को कम करना है. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है.
ड्राइवरों की संख्या में कमी
एक अनुमान के मुताबिक देश में 60 लाख से अधिक ट्रक है और लगभग 35 लाख ड्राइवर ही उपलब्ध है. इन ड्राइवरों को भी उचित ट्रेनिंग सुविधा नहीं मिल पाती है. इसके अलावा ड्राइवरों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को भी सामना करना पड़ता है. ऐसे में ड्राइवरों के प्रशिक्षण के साथ ही सरकार उनकी स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए उचित व्यवस्था करने की दिशा में काम कर रही है.