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राज्यसभा में सरकार की अग्निपरीक्षा, किरन रिजिजू ने पेश किया वक्फ बिल |Waqf Amendment Bill



Waqf Amendment Bill: मोदी सरकार 3.0 ने अपनी पहली बड़ी संसदीय परीक्षा डिस्टिंक्शन के साथ पास कर ली है. लोकसभा में 14 घंटे से अधिक चली बहस के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को पारित करा लिया गया, और अब राज्यसभा में भी इसे पास कराने की पूरी संभावना जताई जा रही है. अब सबकी निगाहें राज्यसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं. सरकार का नंबर गेम मजबूत दिख रहा है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि विधेयक यहां भी आसानी से पारित हो जाएगा.

विपक्ष की कड़ी चुनौती

विपक्षी दलों ने लोकसभा में इस विधेयक का कड़ा विरोध किया था और अब राज्यसभा में भी यह टकराव और तेज होने की उम्मीद है. कांग्रेस, टीएमसी, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों के खिलाफ बताते हुए विरोध कर रहे हैं. विपक्ष का तर्क है कि यह कानून वक्फ संपत्तियों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश है और इसका असर मुस्लिम समुदाय पर पड़ सकता है.

राज्यसभा में नंबर गेम और बीजेपी की रणनीति

  • राज्यसभा में कुल 236 सदस्य हैं और बहुमत के लिए 119 वोट की जरूरत होगी.
  • बीजेपी के पास 98 सांसद हैं.
  • एनडीए गठबंधन को मिलाकर यह संख्या 115 तक पहुंचती है.
  • राज्यसभा में 6 मनोनीत सांसद हैं, जो अक्सर सरकार के पक्ष में मतदान करते हैं.
  • यदि सभी मनोनीत सांसद सरकार के समर्थन में वोट डालते हैं, तो यह संख्या 121 हो जाएगी और विधेयक पास हो सकता है.

विपक्ष की मुस्लिम वोटबैंक रणनीति को झटका

इस विधेयक ने विपक्ष के मुस्लिम वोटबैंक की राजनीति को नई चुनौती दे दी है. विपक्ष लगातार मुस्लिम समुदाय के नाम पर राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश करता आया है. लेकिन इस विधेयक ने यह संदेश दिया कि मुस्लिम समुदाय के हितों में बदलाव करना उनके खिलाफ जाने के बराबर नहीं है.

बीजेपी ने यह दिखाया कि विपक्ष का यह डराने वाला नैरेटिव अब काम नहीं करेगा. इससे विपक्ष के अंदर नया असमंजस पैदा हो सकता है. जिससे मोदी सरकार को राजनीतिक लाभ मिल सकता है.