Waqf Bill: लोकसभा में आज वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया जाएगा. इस विधेयक को पारित कराने के लिए बीजेपी ने पूरी तैयारी कर ली है और एनडीए की सभी सहयोगी पार्टियां लामबंद हो गई हैं. सहयोगी दलों को विश्वास में लेने के लिए सरकार ने उनके सुझावों को भी विधेयक में शामिल किया है. वहीं, विपक्ष ने इस बिल के खिलाफ रणनीति बना ली है और इसे रोकने के लिए पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है.
Waqf Bill विधेयक को लेकर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
विपक्षी दलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे बहस और वोटिंग के दौरान अपनी आवाज बुलंद करेंगे. इसे लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है. कांग्रेस संसदीय दल की बैठक सुबह 9:30 बजे बुलाई गई है, जिसमें सोनिया गांधी और नेता विपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे. इस विधेयक को लेकर देशभर में चर्चाएं हो रही हैं और खास बात यह है कि मुस्लिम नेताओं के बीच भी इसे लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है.
इस बीच, केरल चर्च निकाय ने सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की है. यदि विधेयक पारित होता है, तो दिल्ली की जनता मुस्लिम कमेटी द्वारा इसे लेकर उत्सव मनाने की संभावना है.
लोकसभा में दोपहर 12 बजे Waqf Bill पर होगी चर्चा
लोकसभा में इस विधेयक पर दोपहर 12 बजे बहस शुरू होगी. सरकार को विधेयक पर चर्चा के लिए 4 घंटे का समय दिया गया है, जबकि एनडीए को कुल 4 घंटे 40 मिनट मिलेंगे. पूरी चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर यह समय बढ़ाया भी जा सकता है. इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा स्पीकर ओम बिरला लेंगे.
एनडीए के सभी दलों की एकजुटता
बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है. सहयोगी दलों की बात करें तो नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान ने बिल का समर्थन करने की घोषणा कर दी है. संसद का मौजूदा बजट सत्र शुक्रवार को समाप्त हो रहा है और इससे पहले सरकार इस विधेयक को पारित कराना चाहती है.
यह विधेयक पहली बार अगस्त 2024 में लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन बाद में इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया था. अब, रिपोर्ट आने के बाद इसे फिर से सदन में लाया जा रहा है.
बीजेपी के प्रमुख वक्ता
लोकसभा में बीजेपी की ओर से जगदंबिका पाल, अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, अभिजीत गंगोपाध्याय, कमलजीत सहरावत, तेजस्वी सूर्या और रविशंकर प्रसाद इस विधेयक पर अपनी राय रखेंगे.
लोकसभा में संख्याबल की स्थिति
लोकसभा में कुल 542 सदस्य हैं और बहुमत के लिए 272 सांसदों का समर्थन जरूरी है. एनडीए के पास 293 सांसद हैं, जबकि इंडिया गठबंधन के पास 235 सांसद हैं. अन्य दलों को मिलाकर विपक्षी संख्याबल 249 तक पहुंचता है, जो बहुमत के आंकड़े से कम है.
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कुछ विपक्षी दलों का मानना था कि यदि टीडीपी (16 सांसद) और जेडीयू (12 सांसद) इस विधेयक का विरोध करें तो एनडीए का आंकड़ा 265 तक गिर सकता है, जबकि विरोध में 277 सांसद हो सकते हैं. हालांकि, टीडीपी और जेडीयू दोनों ने विधेयक का समर्थन करने का निर्णय लिया है.
राज्यसभा में एनडीए का मजबूत संख्याबल
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं, जिनमें से 9 सीटें खाली हैं. एनडीए के पास 125 सांसद हैं, जबकि बहुमत के लिए 118 सांसदों का समर्थन आवश्यक है. ऐसे में राज्यसभा में भी एनडीए के पास बहुमत होने की संभावना है. लोकसभा में मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.
सहयोगी दलों की मांगें और संशोधन
बीजेपी के कुछ सहयोगी दल इस विधेयक में संशोधन की मांग कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, विधेयक की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति ने कुछ मुद्दों को हल किया है और सरकार ने सहयोगी दलों की चिंताओं को दूर करने का आश्वासन दिया है. कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया और चर्च ऑफ भारत ने विधेयक का समर्थन किया है.
सरकार की रणनीति
विधेयक को पहले संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया था, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की. इसके आधार पर केंद्र सरकार ने कुछ बदलावों को मंजूरी दी है. केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू आज दोपहर 12 बजे विधेयक पेश करेंगे. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह इस पर अपना पक्ष रखेंगे.
विपक्ष की रणनीति और विरोध
इंडिया गठबंधन और कांग्रेस ने इस विधेयक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि यह विधेयक संविधान के खिलाफ है, इसलिए विपक्ष इसका कड़ा विरोध करेगा. शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कहा है कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ मतदान करेगी.
आरजेडी ने भी विधेयक के खिलाफ वोटिंग करने का फैसला किया है और अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है. पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के निर्देश पर आरजेडी विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी.
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की बैठकें
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में आज सुबह 9:30 बजे लोकसभा सांसदों की बैठक होगी. 3 अप्रैल को सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक भी होगी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर असंवैधानिक और विभाजनकारी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है.
संभावित टकराव
इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष बहस के लिए अधिक समय की मांग कर रहा है और कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चाहता है.
वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पर आज लोकसभा में महत्वपूर्ण चर्चा होगी. एनडीए ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि विपक्ष ने विधेयक को रोकने के लिए अपनी रणनीति तैयार की है. अब देखना होगा कि यह विधेयक बिना किसी रुकावट के पारित होता है या फिर सदन में भारी हंगामा देखने को मिलता है.