EBM News Hindi
Leading News Portal in Hindi

बच्चों को समय पर स्कूल भेजना अब होगा आसान, बस मॉम्स अपनाएं ये 5 स्मार्ट टिप्स


Parenting Tips: सुबह बच्चों को समय पर स्कूल भेजना आसान नहीं होता. उठाने से लेकर टिफिन तैयार करने तक सब थकाऊ लग सकता है. लेकिन थोड़ी प्लानिंग और स्मार्ट मैनेजमेंट से यह झंझट आसान हो सकता है. जानें 5 आसान टिप्स जो आपकी सुबह को टेंशन फ्री बना देंगे.

Parenting Tips: सुबह बच्चों को समय से तैयार करके स्कूल भेजना अक्सर पेरेंट्स के लिए सबसे मुश्किल कामों में से एक साबित होता है. देखने में यह काम आसान लगता है, लेकिन हकीकत में बच्चे को उठाने से लेकर नाश्ता कराने और टिफिन पैक करने तक पूरा घर अस्त-व्यस्त हो जाता है. अगर आप भी रोज सुबह इसी झंझट से परेशान हो जाते हैं, तो थोड़ी सी प्लानिंग और स्मार्ट मैनेजमेंट से इस परेशानी को आसानी से दूर किया जा सकता है. आइए जानते हैं 5 ऐसे टिप्स जो आपकी सुबह को तनाव मुक्त बना देंगे.

पहले से तैयारी करें

सुबह की हड़बड़ी को कम करने के लिए रात को ही सारी जरूरी चीजें तैयार कर लें. बच्चों की यूनिफॉर्म आयरन करके रख दें, बैग पैक कर दें और जूते भी साफ करके तैयार रखें. पानी की बोतल और टिफिन डिब्बा भी जगह पर रख दें.

यह भी पढ़ें- Parenting Tips: बच्चे को बनाना चाहते हैं स्मार्ट तो अपनाएं ये 5 पैरेंटिंग टिप्स, जानें

टिफिन की योजना पहले बनाएं

सुबह समय बचाने के लिए रात को ही तय कर लें कि बच्चे को टिफिन में क्या देना है. चाहें तो सब्जियां काटकर रख लें, आटा गूंध लें या मसाले पहले से तैयार कर लें. इससे सुबह खाना बनाने में आसानी होगी.

जल्दी उठने की आदत डालें

आप और बच्चों दोनों के लिए जल्दी उठना जरूरी है. अलार्म लगाकर समय पर उठें और बच्चों को भी जल्दी सोने की आदत डालें. अच्छी नींद के बाद बच्चे तरोताजा रहेंगे और बिना टालमटोल किए समय से तैयार हो जाएंगे.

Parenting Tips से जुड़ी और भी खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें

एक तय रूटीन बनाएं

बच्चों के लिए सुबह का एक निश्चित शेड्यूल तैयार करें. जैसे उठते ही ब्रश करना, नहाना और खुद ड्रेस पहननाय जब यह रूटीन रोज दोहराया जाएगा, तो बच्चा धीरे-धीरे खुद ही जिम्मेदारी से तैयार होने लगेगा.

यह भी पढ़ें- Parenting Tips: पेरेंट्स की ये गलतियां भाई-बहन के रिश्ते में लाएगी कड़वाहट, जानें

जिम्मेदारी सिखाएं

बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार छोटे-छोटे काम सौंपें, जैसे जूते पॉलिश करना या अपना बैग खुद से लगाना. इससे उनमें आत्मनिर्भरता आएगी और वे धीरे-धीरे अपनी तैयारी खुद करना सीख जाएंगे.