Premanand Ji Maharaj: भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को राधा अष्टमी मनाई जाती है. इस दिन भक्त व्रत-उपवास कर राधा-कृष्ण की आराधना करते हैं. संत प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार राधा नाम जप से सभी सांसारिक और आध्यात्मिक इच्छाएं पूर्ण होती हैं. राधा रानी के 28 नाम चमत्कारी माने जाते हैं.
Premanand Ji Maharaj: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीराधा रानी का प्राकट्य दिवस मनाया जाता है, जिसे राधा अष्टमी के नाम से जाना जाता है. यह पवित्र दिन आज 31 अगस्त को है. यह पावन पर्व श्रीकृष्ण भक्तों के लिए अत्यंत विशेष होता है. इस दिन भक्त व्रत-उपवास रखते हैं, राधा-कृष्ण की आराधना करते हैं और उनकी कृपा पाने के लिए विभिन्न उपाय अपनाते हैं. मान्यता है कि केवल राधा रानी का नाम जप करने मात्र से ही मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं.
इच्छाएं होती हैं पूर्ण
वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज राधा रानी के परम उपासक माने जाते हैं. उनके दर्शन और प्रवचन सुनने के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. महाराज जी का मानना है कि भगवान को पाने का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग नाम जप है. वे भक्तों को सिखाते हैं कि केवल राधा नाम का जप ही सभी सांसारिक और आध्यात्मिक इच्छाओं को पूर्ण करने की शक्ति रखता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि राधा रानी के 28 नाम कौन-कौन से हैं?
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राधा रानी के ये हैं 28 नाम
- राधा
- रासेश्वरी
- रम्या
- कृष्ण मत्राधिदेवता
- सर्वाद्या
- सर्ववन्द्या
- वृन्दावन विहारिणी
- वृन्दा राधा
- रमा
- अशेष गोपी मण्डल पूजिता
- सत्या
- सत्यपरा
- सत्यभामा
- श्री कृष्ण वल्लभा
- वृष भानु सुता
- गोपी
- मूल प्रकृति
- ईश्वरी
- गान्धर्वा
- राधिका
- रम्या
- रुक्मिणी
- परमेश्वरी
- परात्परतरा
- पूर्णा
- पूर्णचन्द्रविमानना
- भुक्ति- मुक्तिप्रदा
- भवव्याधि-विनाशिनी
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