Film Bisaahee: बिहार के बेगूसराय से निकलकर मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा फिल्मकार अभिनव ठाकुर (Abhinav Thakur) अपनी नई फिल्म ‘बिसाही’ लेकर आ रहे हैं. पीसविंग प्रोडक्शन के बैनर तले सिनेमाघरों में यह फिल्म आगामी 25 सितंबर को रिलीज होने जा रही है. यह फिल्म समाज की एक भयावह कुप्रथा व डायन प्रथा पर आधारित है, जो आज भी झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों में फैली हुई है. इस फिल्म के जरिए अभिनव ने उन महिलाओं की दर्द भरी कहानी को पर्दे पर उतारा है, जिन्हें अंधविश्वास के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है. अभिनव ने बताया कि उन्होंने फिल्म के लिए गहन शोध किया और पाया कि यह प्रथा महाराष्ट्र के लातूर से शुरू होकर झारखंड, असम और बिहार तक फैल गई. फिल्म की शूटिंग गुजरात, मुंबई और राजस्थान के असली गांवों में की गई है ताकि कहानी में यथार्थवाद आ सके.
मालूम हो कि अभिनव पहले भी सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बना चुके हैं. उनकी ‘द लिपिस्टिक बॉय’ फिल्म (The Lipstick Boy) में अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज दी थी, जिसके लिए उन्हें बिहार सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया था. यह फिल्म भी बिहार के प्रसिद्ध ‘लौंडानाच’ पर आधारित थी. अभिनव का कहना है कि उन्होंने ‘बिसाही’ पर तीन साल तक रिसर्च किया है और इसका मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज की चेतना को जगाना है.
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क्या है बिसाही की कहानी और क्यों है ये जरूरी?
निर्माता नरेंद्र पटेल बताते हैं कि फिल्म बिसाही (Film Bisaahee) देश के कई हिस्सों में फैली उस अमानवीय प्रथा पर सवाल उठाती है जहां महिलाओं को अंधविश्वास के चलते डायन या बिसाही कहकर प्रताड़ित किया जाता है. बिसाही शब्द उस महिला के लिए इस्तेमाल होता है जिस पर जादू-टोना या बीमारी फैलाने का आरोप लगाया जाता है. अक्सर जमीन, संपत्ति या आपसी दुश्मनी के चलते महिलाओं को इसका शिकार बनाया जाता है. एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, इस कुप्रथा के कारण हर साल दर्जनों महिलाओं की हत्या हो जाती है. यह फिल्म इसी दुखद सच्चाई को सामने लाती है और दर्शकों से पूछती है कि क्या 21वीं सदी में भी हम इन अंधविश्वासों को ढोते रहेंगे.
सच्ची कहानी को जीवंत करेंगे ये कलाकार
फिल्म बिसाही में रवि साहू (Actor Ravi Sahu) मुख्य भूमिका में हैं. वे हाल ही में रिलीज वेब सीरिज ठुकरा के मेरा प्यार में अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत चुके हैं. बिसाही में उनका किरदार भावनात्मक गहराई लिए हुए है. उनके साथ राम सुजान सिंह, पूजा अग्रवाल और इंदु प्रसाद भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं. गुजरात के लोकप्रिय कलाकार चाहना पटेल, हार्दिक सोलंकी और पूजा रावल ने भी अपने अभिनय से फिल्म को सशक्त बनाया है. इन कलाकारों ने डायन प्रथा जैसी संवेदनशील विषय वस्तु को पर्दे पर जीवंत करने के लिए कड़ी मेहनत की है. उनका दमदार अभिनय फिल्म की कहानी को और भी प्रभावी बनाता है, जिससे दर्शक फिल्म से आसानी से जुड़ पाएंगे.

बैंक की नौकरी छोड़कर बने फिल्ममेकर
अभिनव ठाकुर की यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. बेगूसराय में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की. लेकिन, जब वे 8वीं कक्षा में थे, तब ही अपनी ननिहाल मुंबई आ गए. वहां उन्होंने बैंकिंग का माहौल देखा और ग्रेजुएशन के बाद एमबीए किया, जिसके बाद उन्हें बैंक में नौकरी मिल गई. दो साल तक बैंक में काम करते हुए उन्होंने अपनी पहली दो शॉर्ट फिल्में ‘रामकली’ और ‘रेडियो’ बनाई. इन फिल्मों के लिए पैसे नहीं थे, तो दोस्तों से उधार लिया. लेकिन, इन शॉर्ट फिल्मों को मिले अच्छे रिस्पांस ने उन्हें यह अहसास कराया कि उनका असली जुनून क्या है. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर पुणे के एफटीआइआइ में फिल्म मेकिंग की पढ़ाई शुरू की.
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द लिपिस्टिक बॉय से अभिनव को मिली पहचान
अभिनव को असली पहचान उनकी साल 2019 में आयी फिल्म ‘ ये सुहागरात इंपॉसिबल’ के बाद मिली, लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ामोड़‘द लिपिस्टिक बॉय’था. यह फिल्म बिहार के लोकनृत्य ‘लौंडानाच’ और उसके कलाकार भिखारी ठाकुर की कहानी पर आधारित थी. इस फिल्म में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज दी थी, जिसने इसे और भी खास बना दिया. इस फिल्म के लिए अभिनव को 2023 में बिहार सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया था, जिससे उनका और बिहार का नाम रोशन हुआ.
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पटना के चर्चित बॉबी कांड पर भी बना रहे फिल्म
बिसाही के अलावा भी अभिनव कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. उनकी एक और फिल्म ‘लीगल बाबा’ बनकर तैयार है. साथ ही, वे पटना के चर्चित ‘बॉबीकांड’ पर आधारित एक फिल्म पर भी काम कर रहे हैं. इस फिल्म के लिए रिसर्च का काम पूरा हो चुका है और स्क्रिप्टिंग चल रही है. वहीं, युवाओं को सलाह देते हुए अभिनव कहते हैं कि सफलता पाने के लिए धैर्य और समर्पण बेहद जरूरी है. आज के डिजिटल युग में, कोई भी अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाकर करियर की शुरुआत कर सकता है. वे कहते हैं कि अगर आपमें लगन है, तो सफलता खुद-ब-खुद आपके पास आएगी.