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Mohit Malik:एक्टर ने राशा थडानी की तारीफ में कहा बेहद अच्छी इंसान हैं



mohit malik :सोनी लिव पर वेब सीरीज चमक का दूसरा सीजन चमक द कन्क्लूजन दस्तक दे चुका है. इस सीरीज में अभिनेता मोहित मलिक गुरु देओल की भूमिका में हैं. मोहित की मानें तो उन्हें सीरीज के सेकेंड सीजन का बेसब्री से इन्तजार था क्योंकि गुरु के किरदार का जबरदस्त ग्राफ और ट्रांसफॉर्मेशन इस सीजन में दर्शकों को देखने को मिलेगा.उर्मिला कोरी से हुई बातचीत

गुरु का किरदार गे है, क्या सीरीज को हां कहते हुए शुरुआत में आपको यह रिस्क लगा था ?

मैं उस बात को रिस्क नहीं मानता हूं मैं इस तरह से सोचता ही नहीं हूं. मैं ये सोचता हूं कि किरदार रोचक है. इसको करने में मजा आएगा. कुछ नई चीजें एक्सप्लोर करने को मिलेगी. गुरु की सेक्सुअलिटी से जुड़ी जो भी बातें हैं.वह मेरे लिए टैबू नहीं थी कि मैं सोचूं कि ये किरदार करना चाहिए या नहीं. अगर आप टेलीविजन पर भी मेरी जर्नी पर गौर करेंगी तो मैंने करेक्टर ड्रिवन रोल ही किए हैं.मैं शो के क्रिएटर और डायरेक्टर रोहित जुगराज का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने अपने शो के लिए मुझे चुना.उन्हें यकीन था कि मैं इस किरदार के लिए परफेक्ट हूं. पहले ओटीटी शो के लिए मुझे अवार्ड और सराहना दोनों ही मिली है तो मैं खुश हूं

सीजन 2 के लिए गुरु के किरदार में फिर से जाने में कितनी आसानी या मुश्किल हुई ?

मैं बताना चाहूंगा कि इस सीरीज की पूरी शूटिंग स्टार्ट टू फिनिश एक साथ हो गयी थी .फिर मेकर्स ने इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला किया. पिछले साल ही दूसरा सीजन आने वाला था, लेकिन थोड़ा डिले हो गया. खैर ये अच्छा भी हुआ. दर्शकों में शो को लेकर उत्साह और बढ़ गया है.

चमक के किस दृश्य ने आपके सामने चुनौती रखी थी ?

सीजन एक में कुएं के पास वाला सीन , जिसमें मैं सुसाइड करने जा रहा हूं. मनोज पाहवा जी और मेरे बीच वो सीन था. खुद को सुसाइड जोन में उस सीन को करने से पहले रखना, मेरे लिए बहुत मुश्किल था. मैं बताना चाहूंगा कि वह सीन एक ही टेक में पूरा हो गया था. हमने रिहर्सल भी नहीं की थी, लेकिन वह सीन हो गया.

लाइफ के लो फेज में आप खुद को किस तरह मोटिवेट करते हैं ?

सच कहूं तो खुद को ज्यादा समय तक डिप्रेस रखता नहीं हूं. कोई चीज मुझे बुरी लग गई तो मैं ज्यादा से ज्यादा आपको एक दिन देता हूं या फिर मैं अपने आपको कुछ घंटे देता हूं कि इतने घंटे ही मुझे अफसोस करना है . उसके बाद मैं उससे बाहर निकलने में जुट जाता हूं. सबसे बेस्ट थेरेपी है. मेरी पत्नी अदिति से बात करना. कभी मैं लॉन्ग ड्राइव पर जाता हूं .मैं एक जगह बैठा नहीं रहता हूं. कभी जिम चला जाता हूं, तो कभी मैडिटेशन कर लेता हूं.

इस साल फिल्मों में आपने शुरुआत आजाद से की उस अनुभव को किस तरह से परिभाषित करेंगे ?

बहुत ही ख़ास.पहली ही फिल्म में लीजेंड अजय देवगन के साथ काम करने का मौक़ा मिला. उनको देखकर स्टार स्ट्रक हो गया फिर खुद को संभाला कि काम करना है. इस उम्र में भी जिस तरह से वह स्टंट करते हैं. वह प्रेरणादायी है. वह सेट पर सभी का ख्याल रखते थे. राशा और अमन की भी मैं तारीफ करना चाहूंगा. उन्होंने फिल्म के लिए बहुत मेहनत की थी. दोनों बहुत ही डाउन टू अर्थ हैं. हाल ही में उनसे फिर से मुलाक़ात हुई थी.बहुत ही अच्छे से मिले.वे बहुत ही अच्छे इंसान हैं.

क्या कभी ऐसा नहीं लगा कि फिल्मों में देर से मौक़ा मिला ?

मैंने 2018 के बाद से ऑडिशन देना शुरू किया फिर कोविड का पीरियड आ गया। .उससे पहले मैं खुद फिल्मों को करने को लेकर आश्वश्त नहीं था.फिर खुद पर भरोसा बढ़ा तो मैंने टेलीविज़न करते हुए फिल्मों के ऑडिशन देना शुरू किया और इसी दौरान मैं आज़ाद के लिए चुना गया.

क्या कभी अजीबोगरीब रिजेक्शन से गुजरे हैं ?

हां,कई बार मुझसे कहा जाता है कि आप किरदार के लिए बहुत ज्यादा गुड लुकिंग हैं. मैं जिस तरह से दिखता हूं. जिस तरह की मेरी बॉडी है.उसके लिए मैं भगवान और अपने मम्मी पापा का शुक्र गुजार हूं. वैसे मुझे पता है कि ये सब टालने वाली बातें होती हैं.अगर मेकर का भरोसा आप पर होगा तो आपको वह किरदार के लिए गुड लुकिंग से बदसूरत भी बना सकता है. यह सब बस आप पर विश्वास की बात है.

क्या अब फोकस फिल्में और ओटीटी हैं ?

मैं तो यही चाहता हूँ,लेकिन मुझे टीवी से परहेज नहीं है. अगर कुछ अच्छा प्रोजेक्ट आया और डेट्स भी मैनेज हो गए तो मैं टीवी भी कर सकता हूं

आनेवाले प्रोजेक्ट ?

एक फिल्म और वेब सीरीज पर बात चल रही है. फिलहाल मैं इतना ही बता सकता हूं.