Delhi News: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर 3 दशाकों बाद डबल-डेकर बसों की वापसी हो सकती है। इसके लिए दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन द्वारा तैयारी की जा रही है। कॉर्पोरेशन द्वारा दिल्ली की सड़कों पर इसे लेकर परीक्षण करने की भी तैयारी कर रहा है, ताकि जाना जा सकें कि डबल-डेकर बसें दिल्ली की सड़कों पर कितनी सुरक्षित और कारगर साबित हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि इस बार इन डबल-डेकर बसें इलेक्ट्रिक अवतार में सामने आएंगी। अशोक लीलैंड द्वारा निर्मित ऐसी ही एक बस ओखला डिपो में खड़ी है और जल्द ही इसका ट्रायल रन शुरू हो सकता है।
इलेक्ट्रिक होंगी डबल-डेकर बसें
दिल्ली में लगभग 30 साल पहले डबल-डेकर बसें सुविधा बस के नाम से जानी जाती थीं। 1989 में डीटीसी ने सीएनजी फ्लीट पर शिफ्ट किया तो यह बसें दिल्ली की सड़कों से हटा दी गई। अशोक लीलैंड द्वारा निर्मित इस बस को जल्द ही दिल्ली की चुनिंदा सड़कों पर ट्रायल रन के लिए उतारा जाएगा। वहीं इस मामले में परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, फिलहाल सरकार द्वारा जांच कर रही है कि क्या शहर में बसों का सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालन किया जा सकता है।फिलहाल एक बस मौजूद है और दो और मिलने की संभावना है। उनका कहना है कि अभी इन्हें ऑपरेशन में नहीं लाया गया है। अधिकारियों द्वारा रूट मैप तैयार किया जा रहा है। दिल्ली के ट्रैफिक में इन बसों को चलाना आसान होगा या मुश्किल इसकी जांच की जाएगी। साथ ही पेड़ों की ऊंचाई, फ्लाईओवर और ओवरब्रिज की स्थिति को भी जांचा जा रहा है।
साधारण बसों से तीन गुना यात्री ले जाने की क्षमता
अगर यह कदम कामयाब रहा, तो इससे दिल्ली की पुरानी यादें ताज़ा हो जाएंगी। डबल-डेकर बस की लंबाई 9.8 मीटर और ऊंचाई 4.75 मीटर है। इन बसों में चालक के अलावा 63 से ज्यादा यात्री बैठ सकते हैं। यह बसें सामान्य डीटीसी बस से करीब तीन गुना ज्यादा यात्रियों को सफर करा सकती है। वहीं इन बसों को ऐसी सड़कों पर नहीं चलाया जा सकता जहां फ्लाईओवर की कम ऊंचाई है और तार लटके हों। अधिकारियों द्वारा शुरुआत में इन्हें दिल्ली के छोटे रूट्स पर टेस्ट किए जाने की तैयारी है।