रौब गांठने के लिए युवकों ने हूटर और प्राइवेट सिक्योरिटी के साथ निकाला काफिला, जानें फिर पुलिस ने क्या किया?
यूपी के उन्नाव में कुछ युवकों ने जनता के बीच रौब गांठने के लिए ऐसा तरीका अख्तियार किया कि बाद में मुसीबत खड़ी हो गई. वीडियो वायरल होते ही पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई. पुलिस ने वायरल वीडियो की तफ्तीश शुरू की, तो पता चला उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गंज मुरादाबाद क्षेत्र का रहने वाले एक युवक ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर काफिला निकाला. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 वाहनों का चालान किया. इसके साथ ही 5 नामजद और 8 से 10 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है.
दरअसल उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के बांगरमऊ हरदोई मार्ग पर कुछ युवकों ने यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते और रौब गांठने के लिए लग्जरी गाड़ियों से हूटर बजाते हुए काफिला निकाला. वहीं, वीवीआईपी की तर्ज पर युवाओं ने कुछ प्राइवेट सिक्योरिटी के लोगों को गाड़ियों में खिड़की पर लटका यातायात के नियमों को खुली चुनौती दे डाली. काफिले में कुछ लोग असलहा लिए हुए भी दिखाई दिए. इस तरह का काफिला देख लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. वहीं, कुछ लोगों ने युवकों की इस हरकत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होते ही पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई. पुलिस ने वायरल वीडियो की तफ्तीश शुरू की तो पता चला उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गंज मुरादाबाद क्षेत्र का रहने वाले एक युवक ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर काफिला निकाला था.
सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 वाहनों का चालान किया. इसके साथ ही 5 नामजद और 8 से 10 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है. पूरे मामले की जानकारी देते हुए सीओ बांगरमऊ पंकज सिंह ने बताया कि थाना बांगरमऊ के कस्बा गंज मुरादाबाद के रहने वाले एक युवक ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर कुछ लग्जरी गाड़ियों में बैठकर जिसमें कुछ लोग सनरूफ खोलकर बैठे हुए हैं. साथ ही कुछ लोग गलत तरीके से खिड़कियों में बैठे हुए हैं और उनके साथ प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी से हायर किए हुए बाउंसर और गनर भी चल रहे हैं. सीओ बांगरमऊ ने बताया कि सभी गाड़ियों का समुचित चालान कर युवकों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है. यह भी पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में लोगों ने ऐसा जुलूस निकाला और किन परिस्थितियों में सिक्योरिटी एजेंसी ने बाउंसर और गनर दे दिए.