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भारत को डीप-टेक इकोनॉमी बनाएगा रिलायंस, 48वीं वार्षिक सभा में मुकेश अंबानी का ऐलान


रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 29 अगस्त 2025 को मुंबई में अपनी 48वीं सालाना आम सभा (AGM) की। इस सभा में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे आगे ले जाने और हर भारतीय को समृद्ध बनाने के अपने सपने को साझा किया। गणेश उत्सव के खास मौके पर हुई इस मीटिंग में कंपनी ने अपनी कामयाबी, आगे की योजनाएं और भारत के विकास में अपने योगदान की बात की।

आज दुनिया में बहुत सारी अनिश्चितताएं हैं, लेकिन 21वीं सदी समृद्धि और ढेर सारी संभावनाओं का समय है। रिलायंस तीन बड़ी टेक्नोलॉजी क्रांतियों क्लीन एनर्जी, जीनोमिक्स, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भारत के लिए बड़ा मौका मानती है। क्लीन एनर्जी से पर्यावरण को बचाने और एनर्जी की कमी को दूर करने का काम हो रहा है। जीनोमिक्स के जरिए हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव लाया जा रहा है।

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AI को रिलायंस ने ‘आज का कामधेनु’ कहा है, जो रिटेल, टेलीकॉम, एनर्जी और एंटरटेनमेंट जैसे हर बिजनेस में शामिल हो रहा है। भारत की बड़ी आबादी, टैलेंट और बिजनेस करने का जज्बा इसे इस नए दौर में लीडर बनाने के लिए तैयार करता है। रिलायंस का मकसद है कि हर भारतीय के लिए समृद्धि और सस्ती सुविधाएं आम हों। वैश्विक अर्थव्यवस्था, जो अभी 110 ट्रिलियन डॉलर की है, अगले 25-30 साल में 500 ट्रिलियन डॉलर तक जा सकती है। रिलायंस भारत को इस मौके का लीडर बनाने के लिए काम कर रही है, ताकि गरीबी खत्म हो और हर किसी की बेसिक जरूरतें पूरी हों।

पिछले फाइनेंशियल ईयर की 125.3 बिलियन डॉलर रही कमाई

वित्त वर्ष 2025 में रिलायंस ने कमाल का प्रदर्शन किया। कंपनी की कुल कमाई 10,71,174 करोड़ रुपये (125.3 बिलियन डॉलर) रही, जो भारत में किसी कंपनी की सबसे बड़ी सालाना कमाई है। EBITDA 1,83,422 करोड़ रुपये (21.5 बिलियन डॉलर) और नेट प्रॉफिट 81,309 करोड़ रुपये (9.5 बिलियन डॉलर) रहा। कंपनी ने 2,83,719 करोड़ रुपये (33.2 बिलियन डॉलर) का एक्सपोर्ट किया, जो भारत के कुल माल एक्सपोर्ट का 7.6% है। पिछले तीन साल में 5.6 लाख करोड़ रुपये (65.5 बिलियन डॉलर) का निवेश किया गया और देश के खजाने में 2,10,269 करोड़ रुपये (24.6 बिलियन डॉलर) का योगदान दिया गया। पिछले छह साल में यह योगदान 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है। समाज के लिए काम में रिलायंस ने 2,156 करोड़ रुपये (252 मिलियन डॉलर) खर्च किए, और पिछले तीन साल में यह राशि 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही। रिलायंस ने 6.8 लाख लोगों को नौकरी दी है और अगले कुछ साल में इसे 10 लाख तक ले जाने का प्लान है।

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जियो ने बनाया भारत को डिजिटल फ्रेंडली

जियो ने अपने 10वें साल में 50 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार किया, जो भारत की डिजिटल क्रांति की मिसाल है। इसने फ्री वॉयस कॉल और सस्ते डेटा से भारत के लोगों को डिजिटल फ्रेंडली बना दिया। डिजिटल पेमेंट और वीडियो स्ट्रीमिंग को आम लोगों की आदत बनाया, आधार, UPI और जन धन जैसी डिजिटल सुविधाओं को मजबूत किया, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने में मदद की, और दुनिया का सबसे तेज 5G रोलआउट किया। जियो ने 1,28,218 करोड़ रुपये (15 बिलियन डॉलर) की कमाई और 64,170 करोड़ रुपये (7.5 बिलियन डॉलर) का EBITDA हासिल किया, जो 17% की ग्रोथ दिखाता है। जियो 2026 की पहली छमाही में IPO लाने की तैयारी कर रही है, जो निवेशकों के लिए बड़ा मौका होगा। आगे जियो का प्लान है कि हर भारतीय को मोबाइल और होम ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाए, जियो स्मार्ट होम और जियो टीवी+ जैसी डिजिटल सर्विसेज दी जाएं, बिजनेस को डिजिटल बनाया जाए, AI क्रांति को बढ़ावा दिया जाए और ग्लोबल लेवल पर अपनी टेक्नोलॉजी को फैलाया जाए।

जियो की आई नई टेक्नोलॉजी

जियो ने मीटिंग में कई नई टेक्नोलॉजी दिखाईं। इसमें डिजिटल ट्विन सिस्टम भारत की इन्फ्रास्ट्रक्चर का 3D मॉडल है, जो 24 घंटे में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन देता है। जियो AI क्लाउड, जो 100GB फ्री स्टोरेज देता है, अब एक AI-पावर्ड मेमोरी पार्टनर है। यह फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स को ऑर्गनाइज करता है और रील्स, कोलाज जैसे क्रिएटिव टूल देता है। जियोPC आपके टीवी या स्क्रीन को AI-रेडी क्लाउड-बेस्ड कंप्यूटर में बदल देता है, जिससे कोई भी बिना बड़े खर्च के हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग यूज कर सकता है। जियोFrames एक AI-पावर्ड वियरेबल डिवाइस है, जो कई भारतीय भाषाओं में AI असिस्टेंट, फोटो, वीडियो, कॉल और दूसरी सुविधाएं देता है। ये नई टेक्नोलॉजी भारत को डिजिटल और AI-नेटिव इकोनॉमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।

मीडिया और एंटरटेनमेंट में भी रिलायंस का जलवा

रिलायंस और डिज्नी की पार्टनरशिप से बनी जियोस्टार ने भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर को बदल दिया। जियोहॉटस्टार ने तीन महीने में 60 करोड़ यूजर्स और 30 करोड़ पेड सब्सक्राइबर्स के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बन गया। इसमें 3.2 लाख घंटे का कंटेंट है, जो अगले दो OTT प्लेटफॉर्म्स से छह गुना ज्यादा है। जियोस्टार ने कई नए फीचर्स लॉन्च किए हैं। इसमें RIYA, एक वॉयस-सक्षम सर्च असिस्टेंट जो कंटेंट ढूंढना आसान बनाता है। वॉयस प्रिंट, जो AI से डबिंग और लिप-सिंक करता है ताकि कंटेंट आपकी भाषा में मिले। जियोLenZ, जो आपके पसंद के हिसाब से व्यूइंग ऑप्शंस देता है, और मैक्सव्यू 3.0, जो क्रिकेट देखने को और मजेदार बनाता है। नेटवर्क18 भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है। मनीकंट्रोल 10 लाख पेड सब्सक्राइबर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म है। फर्स्टपोस्ट 40 करोड़ वीडियो व्यूज के साथ भारत का पहला ग्लोबल न्यूज ब्रांड बन गया है। CNN-News18 और CNBC-TV18 न्यूज और बिजनेस न्यूज में नंबर वन हैं।

रिलायंस इंटेलिजेंस है AI का नया दौर

रिलायंस ने रिलायंस इंटेलिजेंस नाम की एक नई कंपनी शुरू की, जो AI को कंपनी के टेक्नोलॉजी बदलाव का केंद्र बनाएगी। इसके चार बड़े मिशन हैं। इसमें पहला, जामनगर में बड़े पैमाने पर AI-रेडी डेटा सेंटर बनाना, जो क्लीन एनर्जी से चलेंगे। दूसरा, गूगल और मेटा जैसी ग्लोबल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करना।

तीसरा, एजुकेशन, हेल्थकेयर और खेती जैसे क्षेत्रों के लिए सस्ती और भरोसेमंद AI सर्विसेज देना। चौथा, दुनिया के टॉप रिसर्चर्स और इंजीनियर्स के लिए एक प्लेटफॉर्म बनाना है। गूगल के साथ मिलकर जामनगर में एक क्लाउड रीजन बनाया जा रहा है और मेटा के साथ ओपन-सोर्स AI मॉडल्स के जरिए बिजनेस के लिए AI सॉल्यूशंस डेवलप किए जा रहे हैं। ये पार्टनरशिप भारत को AI क्रांति में सबसे आगे ले जाएंगी।

भारत का सबसे बड़ा रिटेल नेटवर्क

रिलायंस रिटेल भारत का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ने वाला रिटेल नेटवर्क है। इसने 3,30,943 करोड़ रुपये (38.7 बिलियन डॉलर) की कमाई और 25,094 करोड़ रुपये (2.9 बिलियन डॉलर) का EBITDA हासिल किया, जो क्रमशः 8% और 8.6% की ग्रोथ दिखाता है। कंपनी के 19,340 स्टोर्स 7,000 से ज्यादा शहरों में फैले हैं और 77 मिलियन स्क्वायर फीट में हैं। इसका कस्टमर बेस 34.9 करोड़ तक पहुंच गया है, जो 15% की बढ़ोतरी है।

रिलायंस रिटेल की ताकत डेटा से मिली कस्टमर की समझ, अपने ब्रांड्स (जैसे इंडिपेंडेंस, अवासा, केल्विनेटर), तेज स Sourcing, ऑनलाइन-ऑफलाइन रिटेल का मिक्स, बड़ी सप्लाई चेन, 42 लाख छोटे व्यापारियों को सपोर्ट, AI और रोबोटिक्स की ताकत, और 2.5 लाख कर्मचारियों की ट्रेनिंग है। कंपनी अगले तीन साल में 20% से ज्यादा CAGR का टारगेट रखती है। ग्रॉसरी, फैशन और लाइफस्टाइल, और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेगमेंट में लगातार ग्रोथ और इनोवेशन इसे और मजबूत करेंगे।

रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL)

रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) को RIL की डायरेक्ट कंपनी बनाया जा रहा है। पहले साल में इसने 11,500 करोड़ रुपये (1.4 बिलियन डॉलर) की कमाई की, जो इसे सबसे तेजी से बढ़ने वाली FMCG कंपनी बनाती है। RCPL भारत के 2 ट्रिलियन डॉलर के कंज्यूमर मार्केट में हिस्सा बढ़ाने पर फोकस कर रही है, खासकर 35 करोड़ मिडिल क्लास परिवारों और 90 करोड़ ग्रामीण कंज्यूमर्स पर। यह हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट्स को सस्ती कीमतों पर दे रही है। RCPL की आजादी इसे कंज्यूमर ट्रेंड्स और कॉम्पिटिशन का तेजी से जवाब देने में मदद करेगी।

भारत के लिए रिलायंस का विजन

रिलायंस का मकसद भारत को एक टेक्नोलॉजी-आधारित, समृद्ध और सबको साथ लेने वाली इकोनॉमी बनाना है। कंपनी का ‘We Care’ मंत्र लोगों और पर्यावरण की भलाई को सबसे ऊपर रखता है। जियो, रिलायंस रिटेल, RCPL और रिलायंस इंटेलिजेंस के जरिए, रिलायंस AI, क्लीन एनर्जी और जीनोमिक्स में बड़ा बदलाव ला रही है। यह सभा भारत के उज्ज्वल भविष्य और रिलायंस की बड़ी योजनाओं की झलक थी, जो न सिर्फ इकोनॉमिक ग्रोथ बल्कि सामाजिक बराबरी और पर्यावरण की सुरक्षा को भी बढ़ावा दे रही है।

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