भारत में बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अडाणी पावर लिमिटेड ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी को बिहार के भागलपुर जिले के पिरपैंती में बनने वाले 2,400 मेगावाट (800 MW X 3) ग्रीनफील्ड अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के लिए Letter of Award (LoA) मिला है। यह बिजली प्रोजेक्ट बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) से 25 साल के लंबे कॉन्ट्रैक्ट के तहत होगा।
यह बिजली उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को सप्लाई की जाएगी। आगे चलकर इसके लिए Power Supply Agreement (PSA) भी साइन होगा।
भारत में बढ़ेगी मांग
भारत की बिजली की मांग आने वाले सालों में तेजी से बढ़ने वाली है। अभी पीक डिमांड करीब 250 GW है, जो 2031-32 तक 400 GW और 2047 तक 700+ GW तक पहुंच सकती है। तेजी से हो रहा औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और बढ़ती जनसंख्या इस मांग को और बढ़ाएंगे। वहीं सरकार ने 2035 तक करीब 100 GW नई थर्मल क्षमता जोड़ने की योजना बनाई है, ताकि बिजली की जरूरतों को पूरा किया जा सके। ऐसे में थर्मल पावर बड़ी मात्रा में लगातार और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराता है, इसलिए यह देश की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ बना रहेगा।
क्या बोले अडाणी पावर के CEO
अडाणीपावर लिमिटेड के CEO एसबी ख्यालिया ने कहा कि भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर पावर प्रोड्यूसर के तौर पर अडाणीपावर ने हमेशा भरोसेमंद और बड़े स्तर की बिजली सप्लाई देने की क्षमता दिखाई है। बिहार का नया पिरपैंती प्रोजेक्ट न सिर्फ किफायती और लगातार बिजली देगा, बल्कि यह राज्य के औद्योगिकीकरण को भी बढ़ावा देगा और यहां की अर्थव्यवस्था और लोगों की तरक्की में अहम भूमिका निभाएगा।
टेंडर प्रोसेस और निवेश
इस प्रोजेक्ट के लिए BSPGCL ने टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग कराई थी। इसमें अडाणी पावर ने सबसे कम दर 6.075 रुपये प्रति यूनिट ऑफर की और विजेता बनी। कंपनी इस प्रोजेक्ट और इससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 3 बिलियन डॉलर (करीब 25,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।
रोजगार और डेवलपमेंट
इस दौरान प्रोजेक्ट से लगभग 10,000-12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। संचालन शुरू होने के बाद करीब 3,000 नौकरियां स्थायी रूप से उपलब्ध होंगी।
अडाणी पावर लिमिटेड
अडाणी पावर लिमिटेड (APL), अडाणीग्रुप का हिस्सा है और यह भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट थर्मल पावर कंपनी है। कंपनी की इंस्टॉल्ड क्षमता 18,110 MW है, जो गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में फैली हुई है। इसके अलावा गुजरात में 40 MW का सोलर पावर प्लांट भी है। अडाणी पावर का लक्ष्य है कि तकनीक और इनोवेशन की मदद से भारत को पावर सरप्लस नेशन बनाया जाए और हर किसी तक किफायती बिजली पहुंचाई जा सके।