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BPCL को खरीदने की दौड़ में वैश्विक तेल कंपनियां! सरकार बेच रही पूरी हिस्सेदारी

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) को खरीदने की रेस में वैश्विक तेल कंपनियां भी शामिल हैं। इसके लिए वैश्विक तेल कंपनियां, अमेरिका की निवेश फंड के साथ हाथ मिला सकती हैं। एक दस्तावेज से यह बात सामने आई है। आपको बता दें कि बीपीसीएल को खरीदने की दौड़ में अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के वेदांत समूह के अलावा दो अमेरिकी निवेश फंड-अपोलो ग्लोबल और आई स्क्वेयर्ड कैपिटल हैं।

अगर कोई वैश्विक तेल कंपनी दिलचस्पी दिखाती भी है तो अमेरिका के दोनों निवेश फंड में से किसी एक से डील करनी होगी। उद्योग के सूत्रों के मुताबिक यह संभव है कि वैश्विक तेल क्षेत्र की कोई बड़ी कंपनी या मध्य पूर्व के तेल उत्पादक पहले से ही बीपीसीएल को खरीदने की दौड़ में शामिल निवेश फंड के साथ मिलकर काम कर रही हो। ऐसे में बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं होगी।

सरकार बेच रही हिस्सेदारी: केंद्र सरकार भारत की तीसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनर बीपीसीएल में पूरी 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। इसे खरीदने के लिए पिछले साल इन तीनों कंपनियों ने प्रारंभिक बोली प्रस्तुत की थी। बोली प्रक्रिया में अन्य इच्छुक पक्षों के शामिल होने और बोलीदाताओं में से किसी एक के साथ एक संघ बनाने की इजाजत है।

इन वैश्विक कंपनियों से थी उम्मीद: बीते साल मध्य पूर्व के कई शीर्ष तेल उत्पादकों और रूस के रोस्नेफ्ट के बारे में कहा गया था कि वे बीपीसीएल में रुचि रखते हैं, लेकिन उन्होंने कोई बोली जमा नहीं की थी। इसके अलावा रॉयल डच शेल, बीपी और एक्सॉन जैसी वैश्विक तेल कंपनियों ने भी 16 नवंबर 2020 की समय सीमा तक बीपीसीएल के अधिग्रहण के लिए ईओआई जमा नहीं किया।

 

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