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जापान की टोक्यो चाय वाली! एंबेसी छोड़ 42 साल से बेच रही चाय, PM मोदी से तीसरी बार मिलने को बेताब


Tokyo Chai Wali: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान का दो दिवसीय दौरा (29–30 अगस्त) शुरू कर दिया है. यह दौरा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका को सशक्त करने का अवसर है. दोनों देश पहले ही “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” में बंधे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त, खुले और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने पर आधारित है.

Tokyo Chai Wali in Hindi: द्विपक्षीय बैठक और सुरक्षा सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे. बैठक में मुख्य फोकस रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों में साझेदारी को मजबूत करने पर होगा. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब विश्व अमेरिका के व्यापार युद्ध के दबाव में है, इसलिए रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग की अहमियत और बढ़ जाती है.

इस दौरे में आर्थिक साझेदारी भी प्रमुख एजेंडे में शामिल है. भारत और जापान निवेश को बढ़ावा देने, डिजिटल नवाचार और हरित तकनीकों में सहयोग को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं. जापान ने भारत के विकास में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में मदद की है, जिनमें मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना प्रमुख है. दोनों नेता नए व्यापार अवसर, सप्लाई चेन मजबूती और निवेश के अवसरों पर भी चर्चा करेंगे.

सांस्कृतिक कूटनीति पर जोर

राजनीति और अर्थव्यवस्था के अलावा, इस दौरे में सांस्कृतिक सहयोग को भी महत्व दिया गया है. भारत और जापान के बीच लंबे समय से बौद्ध धर्म और अकादमिक क्षेत्र में सांस्कृतिक आदान-प्रदान जारी है. प्रधानमंत्री मोदी जापान में भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे, जो द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगा.

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टोक्यो की चाय वाली से मोदी की मुलाकात

इस यात्रा के दौरान एक विशेष मिलन का क्षण भी आया. जापान में रहने वाली बेला च्रंदाणी, जिन्हें लोग टोक्यो की चाय वाली के नाम से जानते हैं, प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए बेहद उत्साहित थीं. बेला ने ANI को बताया कि वह 1977 में भारत से जापान आईं और पहले भारतीय एंबेसी में नौकरी करती थीं. बाद में उन्होंने अपने passion को फॉलो करते हुए चाय बेचने का व्यवसाय शुरू किया.

बेला पिछले 42 सालों से टोक्यो में चाय बेच रही हैं और उनका नाम स्थानीय और भारतीय समुदाय दोनों में लोकप्रिय है. उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी से तीसरी बार मिलूंगी. पीएम मोदी से मिलना मेरे लिए जीवन का धन्य होना है. हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जापान में अक्सर आएं, क्योंकि भारत में उनसे मिलना कठिन है.” प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से भारत-जापान के बीच सुरक्षा, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी. यह यात्रा क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित करने के भारत-जापान साझा लक्ष्य को भी मजबूत करेगी.

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