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‘तीन बच्चे पैदा करना चाहिए, यह देश हित में,’ जनसंख्या पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत


Mohan Bhagwat On Population: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- “सभी भारतीय नागरिकों को तीन बच्चे पैदा करने पर विचार करना चाहिए, ताकि जनसंख्या पर्याप्त हो और नियंत्रण में भी रहे.” उन्होंने कहा, “भारत की जनसंख्या नीति 2.1 बच्चों की है, जिसका मतलब है कि एक परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए. प्रत्येक नागरिक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके परिवार में तीन बच्चे हों.” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इससे अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे जनसंख्या पर भी असर पड़ेगा.

बीजेपी के साथ झगड़े की अटकलों पर क्या बोले मोहन भागवत?

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से जब पूछा गया कि क्या आरएसएस और भाजपा के बीच कोई मतभेद है? इसपर उन्होंने कहा- “कहीं कोई झगड़ा नहीं, लेकिन सभी मुद्दों पर एकमत होना संभव नहीं, हम हमेशा एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं.” उन्होंने कहा- “हमारा हर सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र सरकारों, दोनों के साथ अच्छा समन्वय है. लेकिन कुछ व्यवस्थाएं ऐसी भी हैं जिनमें कुछ आंतरिक विरोधाभास हैं. कुल मिलाकर व्यवस्था वही है, जिसका आविष्कार अंग्रेजों ने शासन करने के लिए किया था. इसलिए, हमें कुछ नवाचार करने होंगे. फिर, हम चाहते हैं कि कुछ हो. भले ही कुर्सी पर बैठा व्यक्ति हमारे लिए पूरी तरह से समर्पित हो, उसे यह करना ही होगा, और वह जानता है कि इसमें क्या बाधाएं हैं. वह ऐसा कर भी सकता है और नहीं भी. हमें उसे वह स्वतंत्रता देनी होगी.”

बीजेपी के अलावा अन्य दलों के समर्थन पर क्या बोले आरएसएस प्रमुख

आरएसएस भाजपा के अलावा अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन क्यों नहीं करता? इस सवाल के जवाब में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “जो लोग अच्छे काम के लिए हमसे मदद मांगते हैं, हम उनकी मदद करते हैं. जब हम मदद देने की कोशिश करते हैं, तो जो लोग हमसे दूर भागते हैं, उन्हें अक्सर वह मदद नहीं मिलती जिसकी उन्हें जरूरत होती है, तो हम क्या कर सकते हैं?… लेकिन कभी-कभी, देश चलाने के लिए या पार्टी का काम करने के लिए, अगर वह अच्छा है, तो हमारे स्वयंसेवक जाकर मदद करते हैं… हमें कोई हिचकिचाहट नहीं है. पूरा समाज हमारा है.”

बीजेपी अध्यक्ष पद पर क्या बोले मोहन भागवत

भाजपा अध्यक्ष के चयन में आरएसएस की भूमिका पर मोहन भागवत ने कहा- हम फैसला नहीं करते, अगर हमें फैसला करना होता तो इतना समय लग जाता? भाजपा के नए अध्यक्ष के फैसले में देरी पर आरएसएस प्रमुख भागवत ने चुटकी लेते हुए कहा, अपना समय लें, हमें कुछ कहने की जरूरत नहीं है. उन्होंने आगे कहा- “मैं शाखाओं के संचालन में निपुण हूं, भाजपा सरकार चलाने में निपुण है, हम एक-दूसरे को सिर्फ सुझाव दे सकते हैं.”