सोचिए अगर गाड़ी चलाते समय आपका 1000 रुपये चालान कट जाए और आपके मोबाइल पर मैसेज आए कि आपको जुर्माने का सिर्फ आधा हिस्सा यानी 500 रुपये ही भरना है। यकीनन यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी। देश की एक राज्य सरकार ने ऐसा ही आदेश जारी किया है। राज्य में अब वाहन चालकों को अपने पुराने ट्रैफिक चालानों पर 50% छूट मिलेगी। यह राहत केवल 23 अगस्त से 12 सितंबर तक उपलब्ध होगी। आइए जानते हैं…
दरअसल, कर्नाटक सरकार ने सड़क पर नियम तोड़ने वालों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब वाहन चालकों को अपने बकाया ट्रैफिक जुर्माने पर 50% की छूट मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य न केवल लंबित जुर्मानों की वसूली करना है, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन की आदत को भी बढ़ावा देना है।
क्या है ई-चालान व्यवस्था?
ई-चालान एक डिजिटल नोटिस है, जो सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर SMS या ईमेल के जरिए भेजा जाता है। इस प्रणाली की शुरुआत ट्रैफिक नियमों की निगरानी को आसान और कागज रहित बनाने के लिए की गई थी। पिछले कुछ वर्षों में लाखों चालान जारी हुए, लेकिन बड़ी संख्या में लोग इन्हें अभी तक नहीं चुका पाए हैं। ऐसे में यह छूट उन सभी के लिए बड़ा मौका है।
किन चालानों पर मिलेगी छूट?
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सुविधा केवल पुलिस विभाग की मोबाइल ई-चालान प्रणाली से जारी किए गए चालानों पर लागू होगी। यानी यह छूट सिर्फ उन्हीं मामलों में मिलेगी, जिनका रिकॉर्ड ट्रैफिक पुलिस के पास है। परिवहन विभाग के पुराने चालानों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
भुगतान के आसान ऑप्शन्स
जो वाहन चालक लंबित चालान भरना चाहते हैं, उनके लिए पुलिस ने कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। आप अपना जुर्माना इन तरीकों से चुका सकते हैं…
btp.gov.in वेबसाइट
ट्रैफिक पुलिस मोबाइल ऐप
नजदीकी ट्रैफिक पुलिस स्टेशन
मुख्यमंत्री की अपील
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लोगों से इस मौके का फायदा उठाने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सरकार का लक्ष्य न केवल लंबित जुर्मानों की वसूली करना है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति को भी मजबूत करना है। उन्होंने कहा, “इस रियायत का लाभ उठाइए और ट्रैफिक नियमों का पालन कीजिए।”
क्यों जरूरी है यह कदम?
बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में रोजाना ट्रैफिक उल्लंघन के हजारों मामले दर्ज होते हैं। तेज रफ्तार से लेकर सिग्नल तोड़ने तक, हर दिन हजारों लोग नियम तोड़ते हैं। इससे लाखों चालान जमा हो गए हैं, जिनकी वसूली मुश्किल हो रही थी। सरकार मानती है कि 50% छूट देने से पुराने मामलों का निपटारा तेज़ी से होगा और लोगों को सड़क अनुशासन की अहमियत भी समझाई जा सकेगी।
ये आखिरी मौका हो सकता है!
सरकार ने साफ कहा है कि यह रियायत केवल 12 सितंबर तक ही लागू रहेगी। इसके बाद ऐसा मौका दोबारा मिलना मुश्किल है। इसलिए जिन वाहन मालिकों के चालान लंबित हैं, उनके लिए यह अवसर आखिरी साबित हो सकता है।