रांची, आनंद मोहन : कांग्रेस पूरे देश में संगठन को नया स्वरूप देने जा रही है. बूथ कमेटी पर पार्टी का जोर होगा. बूथ, मंडल और पंचायत कमेटी के सदस्यों के साथ एआइसीसी और प्रदेश नेतृत्व का सीधा संवाद होगा. हर राज्य में कनेक्ट सेंटर खोले जायेंगे. इनको साथी केंद्र का नाम दिया जायेगा. हर हफ्ते केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बूथ कमेटियों को टास्क दिया जायेगा.
तीन स्तर पर होगी बूथ कमेटियों की जिम्मेवारी
इसकी मॉनिटरिंग प्रदेश स्तर पर होगी. बैठक में बताया गया कि तीन स्तर पर पार्टी बूथ कमेटियों को जिम्मेवारी देगी. इसमें मतदाता सूची, राजनीतिक मुद्दे और सामाजिक इश्यू पर काम करना होगा. संगठन में जिलाध्यक्षों का पावर बढ़ेगा.
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जिलाध्यक्षों की होगी सांसद व विधायकों के टिकट बंटवारे में भूमिका
जिलाध्यक्षों की सांसद व विधायकों के टिकट बंटवारे में भूमिका तय होगी. जिलाध्यक्ष स्क्रीनिंग कमेटी और चुनाव समिति में शामिल रहेंगे. शुक्रवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल ने झारखंड सहित सात राज्यों (बिहार, यूपी, बंगाल, असम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख व उत्तराखंड) के जिलाध्यक्षों के साथ मैराथन बैठक की. इसमें सरायकेला के जिलाध्यक्ष अंबुजा राय, लातेहार के गुर्जर उरांव और जमशेदपुर के आनंद बिहारी दुबे ने अपनी बातें रखी.
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