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बिहार जमीन सर्वे में रैयतों को बड़ी राहत, मंत्री बोले, जो भी कागजात हों, उससे ही करें आवेदन



Bihar Land Survey: पटना. बिहार के भूमि सुधार एंव राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने आम लोगों से अपील की है कि स्वघोषणा के लिए फिलहाल जमीन के जितने कागजात रैयत के पास उपलब्ध हैं, उतने कागजात को ही संलग्न कर दें. बचे हुए कागजात का इंतजाम धीरे-धीरे खानापूरी के समय तक कर लें. पुराना सचिवालय स्थित मंत्री के कार्यालय कक्ष में हुई समीक्षा बैठक में स्वघोषणा की तारीख बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने तिथि बढ़ाने के क्रम में आनेवाली तकनीकी और विधिक कठिनाइयों की जानकारी दी.

शिविर लगाकर करें मामले का निष्पादन

बिहार में जमीन सर्वे के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक एक करोड़ 15 लाख 916 स्वघोषणा प्राप्त हुई है. कुछ जिलों में स्वघोषणा की संख्या बहुत कम रही. यह जानकारी जमीन सर्वे की समीक्षा के दौरान मिली. ऐसे में खराब परफॉर्मेंस वाले शिविरों के कर्मियों को 15 दिनों में प्रदर्शन सुधारने की चेतावनी दी गयी है. प्रदर्शन नहीं सुधराने पर उन्हें कार्य मुक्त करने की कार्रवाई शुरू की जायेगी. यह निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने सर्वे निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद दिये.

स्वघोषणा मामले में ये अंचल टॉप पर

श्री सरावगी ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि सर्वर की खराबी से संबंधित काफी शिकायतें मिल रही हैं. इसकी वजह से भी भूमि सर्वे में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है. वैसे अररिया सदर अंचल, दरभंगा का बिरौल, बहेड़ी, कुशेश्वर स्थान, अररिया का जौकी हाट, फारबिसगंज और पलासी, समस्तीपुर का कल्याणपुर और औरंगाबाद का नबीनगर स्वघोषणा के मामले में टॉप रहे. मंत्री ने कहा है कि दस्तावेज को लेकर सर्वे का काम नहीं रोका जाये, जिसके पास जो कागज है वो उसी के आधार पर अपना शांतिपूर्ण कब्जा दिखा सकता है.

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