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xit Poll न बन जाएं कल Circuit Breakers का कारण

नई दिल्ली। देश में चुनाव परिणाम (Election result) से बढ़कर कुछ भी नहीं होता है। इस बार भी अंतिम चरण की वोटिंग 19 मई 2019 को हो रही है। यह अंतिम चरण की वोटिंग (Last phase voting) है इस कारण आज शाम को एग्जिट पोल (Exit poll) कराने वाली कंपनियां इसे जारी कर सकेंगी। हालांकि एग्जिट पोल (Exit poll) के परिणाम सरकार बनाते या बिगाड़ते नहीं हैं, लेकिन इन्हें एक संकेत माना जाता है। आज रविवार है और एग्जिट पोल आने के अगले दिन शेयर बाजार में इनका असर दिखाई पड़ सकता है। अगर एग्जिट पोल (Exit poll) के परिणाम शेयर बाजार की उम्मीद से ज्यादा अच्छा हुए तो शेयर बाजार में अपर सर्किट (Upper Circuit) भी लगा सकता है। लेकिन अगर यह एग्जिट पोल (Exit poll) शेयर बाजार (share market) की उम्मीदों से विपरीत आए तो शेयर बाजार में लोअर सर्किट (Lower Circuit) भी लगा सकता है। ऐसे में आज ही यह जान लेना बेहतर है कि शेयर बाजार में अपर सर्किट और लोअर सर्किट होता क्या है। इसके अलावा शेयर बाजार में अपर सर्किट और लोअर सर्किट का इतिहास (History of Upper Circuit and Lower Circuit) क्या है।
अंतिम कारोबारी दिवस यानी 17 मई 2019 शुक्रवार को एनएसई का निफ्टी (NIFTY 50) 11407.15 अंक पर बंद हुआ था। ऐसी स्थिति में अगर सोमवार को निफ्टी (NIFTY 50) 10 फीसदी यानी 1140.70 अंक ऊपर या नीचे जाता है तो पहला सर्किट ब्रेकर (circuit breakers) लग जाएगा। वहीं अगर 15 फीसदी यानी 1711.05 अंक ऊपर या नीचे जाता है तो दूसरी सर्किट ब्रेकर (circuit breakers) लगाया जाएगा। लेकिन अगर निफ्टी (NIFTY 50) 20 फीसदी यानी 2281.40 अंक ऊपर या नीचे होता है तो तीसरे सर्किट ब्रेकर (circuit breakers) के तहत ट्रेडिंग को दिन के बाकी समय के लिए रोक दिया जाएगा। इसलिए यह जानना जरूरी है कि यह तीन तरह के सर्किट ब्रेकर (circuit breakers) होते क्या हैं।