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ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाएगी वैक्सीन की बूस्टर डोज, फाइजर ने कही बड़ी बात

न्यूयॉर्क. फाइजर ने बुधवार को कहा कि उसके कोविड-19 रोधी टीके  की एक बूस्टर खुराक  नए ओमिक्रॉन वेरिएंट से रक्षा कर सकती है, भले ही शुरुआती दो खुराक का प्रभाव काफी कम नजर आए. फाइजर और उसके सहयोगी बायोएनटेक ने कहा कि प्रयोगशाला परीक्षणों में दिखा कि ओमिक्रॉन के खिलाफ एक बूस्टर खुराक ने तथाकथित तटस्थ एंटीबॉडी के स्तर को 25 गुना बढ़ा दिया है. फाइजर ने एक प्रेस रिलीज में शुरुआती प्रयोगशाला आंकड़ों की घोषणा की और बताया कि इसकी अभी तक वैज्ञानिक समीक्षा नहीं हुई है.

कंपनियां पहले से ही ओमिक्रॉन को ध्यान में रखकर टीके के निर्माण के काम में जुटी हैं. वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि कोविड-19 टीकों की तीसरी खुराक के साथ एंटीबॉडी में आने वाला उछाल प्रभावशीलता में किसी भी कमी का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त हो सकता है. एंटीबॉडी का स्तर बताता है कि एक टीका कोरोना वायरस के संक्रमण को कितनी अच्छी तरह रोक सकता है, लेकिन वे प्रतिरक्षा प्रणाली की सुरक्षा की सिर्फ एक परत भर हैं.

फाइजर ने कहा कि टीके की दो खुराक अब भी गंभीर बीमारी से बचाव दे सकती हैं. फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बोर्ला ने एक बयान में कहा, ‘हालांकि टीके की दो खुराक अब भी ओमिक्रॉन स्वरूप के कारण होने वाली गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं, लेकिन इन प्रारंभिक आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि हमारे टीके की तीसरी खुराक के साथ सुरक्षा अधिकतम हो जाती है.’

अमेरिका के शीर्ष वैज्ञानिक डॉ. एंथोनी फाउची ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 का ओमिक्रॉन वेरिएंट ‘निश्चित’ रूप से डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा घातक नहीं है. बी.1.1.1.529 वेरिएंट ने बहुत बड़ी संख्या में म्यूटेशन दिखाए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ संकेत मिले हैं कि यह कम गंभीर हो सकता है, क्योंकि जब आप साउथ अफ्रीका की स्थिति देखते हैं तो पाते हैं कि संक्रमण की संख्या और अस्पताल में भर्ती होने वाले मामलों की संख्या के बीच का अनुपात डेल्टा की तुलना में कम है.

 

 

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