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World Environment Day 2019: जानिए पर्यावरण दिवस का इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

नई दिल्ली। साल 1974 में शुरू हुआ विश्व पर्यावरण दिवस हर साल लगभग 100 से ज्यादा देशों में 5 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व पर्यावरण दिवस, पर्यावरण को संरक्षित करने और बढ़ाने में व्यक्तियों, उद्यमों और समुदायों द्वारा जिम्मेदार आचरण के लिए आधार को व्यापक बनाने का अवसर प्रदान करता है। लोगों का ध्यान खींचने के लिए हर साल पर्यावरण दिवस पर एक थीम तय की जाती है जिसमें पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाए जाते हैं।इस साल की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘Beat Air Pollution’ है। वैश्विक संकट से निपटने के लिए कार्रवाई का आह्वान इस वर्ष के मेजबान चीन ने किया है। यह विषय लोगों को इस बात पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है कि वे वायु प्रदूषण की मात्रा को कम करने के लिए अपने रोजमर्रा के जीवन को क्या बदलाव कर सकते हैं और ग्लोबल वार्मिंग में अपने योगदान को कम कर सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यदि लोग अलग अलग प्रकार के प्रदूषण को समझेंगे कि किस तरह इससे उनके शरीर पर प्रभाव पड़ रहा है तो वे इसके लिए खुद सकारात्मक कदम जरूर उठाएंगे। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि- हमें भले दिखाई न दे लेकिन हवा हर ओर है तो उसमें प्रदूषण भी हर ओर है। हम सांस लेना नहीं छोड़ सकते लेकिन हम हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयास कर सकते हैं।

घर के भीतर फॉसिल फ्यूल, लकड़ी व अन्य चीजों के जलाए जाने से प्रदूषण होता है और अधिकतर विकासशील देशों में 38 लाख अकाल मृत्यु हो जाती हैं। इसके अलावा इंडस्ट्रियल व ट्रांसपोर्ट पॉल्यूशन से हजारों अकाल मृत्यु होती है। दुनिया भर में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 24 प्रतिशत कृषि, वानिकी और अन्य भूमि-उपयोग से आता है।आग और डंपिंग से हानिकारक डाइऑक्सिन, मीथेन और ब्लैक कार्बन निकल जाते हैं जबकि ज्वालामुखी विस्फोट, धूल भरी आंधी और अन्य प्राकृतिक प्रक्रियाएं भी वैश्विक वायु प्रदूषण में योगदान करती हैं।