EBM News Hindi

Vodafone Idea के अस्तित्व पर लटकी तलवार, एक लाख से अधिक लोग हो सकते हैं बेरोजगार

0

नई दिल्ली। AGR के भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार के आदेश के बाद देश के टेलीकॉम वर्ल्ड में अफरातफरी मच गई है। इस आदेश के बाद एक समय में सब्सक्राइबर्स के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी रही Vodafone Idea के अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न लग गया है। भारत के टेलीकॉम जगत ने Etisalat DB, Reliance Communications, Sistema Shyam और Aircel जैसी कंपनियों का कारोबार बंद होते हुए देखा है और अगर मौजूदा परिस्थितियों पर गौर करें तो फंड नहीं मिलने पर वोडाफोन भी भारत से अपना बिजनेस समेट सकता है। इससे एक लाख से अधिक लोगों का जीवकोपार्जन प्रभावित हो सकता है।

VIL पर 53 हजार करोड़ से ज्यादा की देनदारी

सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्टूबर, 2019 को अपने फैसले में टेलीकॉम कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के भुगतान का आदेश दिया था। इस आदेश से पहले से जबरदस्त प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही दूरसंचार कंपनियों पर 1.47 लाख करोड़ रुपये की भारी देनदारी पैदा हो गई। Vodafone Idea Ltd (VIL) पर करीब 53,038 करोड़ रुपये की देनदारी है। इस बकाया राशि के भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनियों और दूरसंचार विभाग को फटकार लगाई थी। इसके बाद दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को बकाया राशि के भुगतान के लिए शुक्रवार के रात 11:59 मिनट तक का समय दिया था।

BofA Securities ने शुक्रवार को एक नोट में कहा था ”VIL पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।” उसने सवाल किया था कि क्या भारत दो कंपनियों वाले बाजार की तरफ बढ़ रहा है। वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला पहले ही कह चुके हैं कि एजीआर के मामले में कंपनी को राहत नहीं मिलती है तो वह अपना कारोबार बंद कर सकते हैं। Vodafone Group भी कह चुका है कि वह Vodafone Idea में ताजा निवेश नहीं करेगा।

ऐसे में अगर कंपनी अपना ऑपरेशन बंद करती है तो इससे एक लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो जाएंगे। कंपनी के पेरोल पर 11,700 कर्मचारी काम करते हैं जबकि यह कंपनी करीब एक लाख लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार देती है। Reliance Communications के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुताबिक टेलीकॉम जगत में 20 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं।