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राजेश साहनी की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाएगी यूपी सरकार, पत्नी को दिया जॉब ऑफर

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी एटीएस के एएसपी राजेश साहनी की मौत के बाद जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही घोषणा की गई है कि राजेश साहनी की बेटी की पढ़ाई का सारा खर्च राज्य सरकार उठाएगी. इसके साथ ही राजेश साहनी की पत्नी को पुलिस विभाग में ओएसडी का पद ऑफर किया गया है.

जानकारी के मुताबिक, राजेश साहनी की बेटी श्रेया को मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सांइंसेज में एडमिशन मिला है. सरकार ने घोषणा की है कि श्रेया की पढ़ाई का सारा खर्च वो खुद वहन करेगी. साहनी के परिवार को मिला हुआ सरकारी आवास भी बरकरार रहेगा. उनकी पत्नी चाहें तो उन्हें ओएसडी पद दिया जा सकता है.

राजेश साहनी के निधन के बाद पीपीएस एसोसिएशन की मीटिंग हुई थी, जिसमें पीड़ित परिवार को मदद करने का फैसला हुआ था. पीपीएस एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला था. उनसे पीड़ित परिवार की तरफ से मांगें रखी थीं. इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहमति जता दी है.

इससे पहले एसोसिएशन ने सीबीआई जांच की मांग की थी. इस पर आलाधिकारियों के साथ बैठक में विचार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई जांच का फैसला लिया था. इसके साथ ही सभी PPS अधिकारी पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देंगे. इसमें CO 3000 रुपये और ASP 5000 रुपये परिजनों को सहायता राशि के रूप में 5 जून तक देंगे.

राजेश साहनी के बाद IG ATS असीम अरुण और उनके सिपहसालारों से व्यथित होकर एक इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा ने DGP को अपना इस्तीफा भेज दिया था. यतीन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया था कि ASP राजेशी साहनी भी IG असीम अरुण की प्रताड़ना से परेशान थे. वह IG असीम अरुण के तानाशाही रवैये से परेशान होकर अपना इस्तीफा दे रहे हैं.

मौत के बाद लोगों के मन में उठे ये सवाल

– सबसे बड़ा सवाल ये कि आखिर छुट्टी पर होने के बावजूद राजेश साहनी अपने दफ्तर क्यों आये थे?

– घर से शांत तरीके से आए राजेश साहनी के साथ अचानक आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने अपने ड्राइवर से सर्विस रिवॉल्वर मंगा कर गोली मार ली?

– उनके जानने वाले बताते हैं कि वो बेहद सुलझे हुए इंसान थे. आखिर क्या हुआ कि उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी?

– क्या उन्हें कोई ऑफिशियल प्रॉब्लम थी? या फिर घरेलू उलझन से जूझ रहे थे?

– उन्होंने मरने से पहले किस से आखिरी बार बात की थी?

– आखिरकार एटीएस के दफ्तर मे बगल के कमरे में राजेश साहनी के गोली मारने के बावजूद किसी को उसकी आवाज सुनाई क्यों नही दी?

– जिस कमरे मे राजेश ने गोली मारी उस कमरे मे दो दरवाजे हैं. सामने का दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन पीछे के दरवाजे पर बाहर सें कुंडी लगी थी, जो कि आसानी से खुल गयी. आखिर ऐसा क्यों था?

– राजेश साहनी को गोली लगने के बारे में पता चलते ही एटीएस के साथी उन्हें फौरन अस्पताल लेकर क्यों नहीं गए?

– गोली लगने के बाद जांच के लिए प्राइवेट अस्पताल से डॉक्टर क्यों बुलाया गया, जबकि लोहिया अस्पताल पास में ही है?

– राजेश साहनी की डेडबॉडी चार घंटे एटीएस के दफ्तर में ही क्यों पड़ी रही?

– जिस ड्राईवर ने साहनी को रिवॉल्वर लाकर दी, उसे आखिर अधिकारी सामने आने से क्यों रोक रहे हैं?

– आखिरकार इतने सुलझे हुए व्यक्ति ने खुदकुशी से पहले कोई सुसाइट नोट क्यों नहीं छोड़ा?