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Toyota और Mahindra ने किया फैसला, गाड़ियों में नहीं करेंगे एक भी प्लास्टिक का इस्तेमाल

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत में हमेंशा कार और कार कंपनियों को पर्यावरण दूषित करने का जिम्मेदार ठहराया जाता है। चाहें वह उत्सर्जन हो, जीवाश्म ईंधन को समाप्त करना या ध्वनि प्रदूषण को जोड़ना हो, हमेशा से ही कारों को ही सॉफ्ट टार्गेट रखा जाता है। ऐसे में अब स्थिति हमेशा एक जैसी रहने की जरूरत नहीं है, जबकि कार निर्माता कंपनियां सरकार के आगामी उत्सर्जन मानकों, ईंधन दक्षता मानदंड़ों और इलेक्ट्रिफिकेशन का पालन कर रहे हैं ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण लगाया जा सके। इसके अलावा कुछ प्रदूषण को रोकने के लिए कुछ स्टेप्स प्रोडक्शन में भी लिए जा रहे हैं। टोयोटा और महिंद्रा जैसे कंपनियों ने तो फैसला किया है कि वह अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में सिंगल प्लास्टिक का भी इस्तेमाल नहीं करेंगी।

2050 तक प्राप्त होने वाले 6 बड़ी चुनौतियों के हिस्से के रूप में टोयोटा एक रीसाइक्लिंग-आधारित समाज और सिस्टम स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के मैनेजिंग डायरेक्टर, Masakazu Yoshimura ने कहा, “हमारे वैश्विक टोयोटा पर्यावरण चैलेंज 2050 के अनुरूप और एकल-उपयोग प्लास्टिक की खपत को सीमित करने के लिए माननीय प्रधान मंत्री के राष्ट्रव्यापी अभियान के साथ गठबंधन करते हुए हमने अपने हितधारकों को कम करने, रीसाइकिंग करने और पुन: उपयोग के लिए प्रोत्साहित करते हुए एक कदम के रूप में कई पहलें लागू की हैं। ताकि हमें बेहतर कल मिल सके।”

महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर, पवन गोयंका ने ट्वीट करते हुए कहा, “महिंद्रा एंड महिंद्रा के सभी 15 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट इस साल के अंत तक प्लास्टिक का सिंगल इस्तेमाल करना भी बंद कर देंगे।” यह कदम महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है खासकर महिंद्रा फोर्ड इंडिया के साथ संचालन में भागीदारी कर रही है।