EBM News Hindi

प्रणब मुखर्जी के विचारों से अगर RSS में सुधार आता है तो हमें खुशी होगी : सुशील कुमार शिंदे

नागपुर: वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने रविवार को कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता स्वीकार करना ‘ गलत नहीं ’ है क्योंकि वह एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति एवं बहुत अच्छे चिंतक हैं . शिंदे ने कहा, ‘प्रणब मुखर्जी एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं. वह हमेशा धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण सामने रखेंगे और वहां (आरएसएस के कार्यक्रम में) भी वह वही करेंगे. वह बहुत अच्छे चिंतक हैं और उनका वहां जाना एवं उस मंच पर भाषण देना एक महत्वपूर्ण बात है.’

शिंदे ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर कहा कि मुखर्जी द्वारा न्यौता स्वीकारना गलत नहीं है और यदि उनके विचारों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कुछ सुधार आता हे तो हमें बहुत खुशी होगी. मुखर्जी को नागपुर में आरएसएस के मुख्यालय में स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण शिविर ‘ संघ शिक्षा वर्ग ’ के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है. यह कार्यक्रम सात जून को होगा.

जम्मू कश्मीर के विषय पर शिंदे ने कहा , ‘जब मैं गृहमंत्री था तब यदि एक – दो घटना हो जाती थी तब भाजपा संसद में कहती थी कि हमारा एक जायेगा , उनके 11 हम वहां से लाएंगें , अब सरकार आपकी , खुफिया आपकी लेकिन पथराव की घटनाएं रुक नहीं रही हैं.’

प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के न्यौते को स्वीकार करने से कांग्रेस में मचा हड़कंप
बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में जाने से कांग्रेस में हड़कंप मच गया है. केरल से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नितला ने मुखर्जी को एक पत्र लिखकर इस कार्यक्रम में शामिल होने से बचने का आग्रह किया जबकि पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रमुख अधीर चौधरी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी हनुमंत राव ने भी इसी तरह के आग्रह किए.

इससे पहले आरएसएस के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करने के मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बुधवार (30 मई) को कहा कि मुखर्जी को संघ को यह बताना चाहिए कि उसकी विचारधारा में क्या गलत है. चिदंबरम ने कहा,‘उन्होंने (मुखर्जी) निमंत्रण स्वीकार कर लिया और ऐसे में इस पर बहस करने का कोई मतलब नहीं बनता कि उन्होंने निमंत्रण क्यों स्वीकार किया. इससे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप वहां जाएं और उनको (आरएसएस) यह बताएं कि उनकी विचारधारा में क्या गलत है.’

(इनपुट – भाषा)