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डंके की चोट पर उत्तर कोरिया ने इस देश को बताया दोस्त, कहा- हम साथ हैं

बीजिंग: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने इस साल की अपनी तीसरी चीन यात्रा बुधवार (20 जून) को संपन्न की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अपनी ऐतिहासिक शिखर वार्ता के बाद अपने प्रमुख सहयोगी चीन के प्रति वफादारी दिखाते हुए किम ने कहा कि बीजिंग के साथ प्योंगयांग की ‘‘दोस्ती ’’ निर्बाध चलने वाली है. किम ने चीन को इस बाबत फिर से आश्वस्त करने के लिए दो दिन का बीजिंग दौरा किया कि ट्रंप और उनके बीच हुई कूटनीतिक वार्ता के बावजूद उत्तर कोरिया अपने प्रमुख सहयोगी के हितों की अनदेखी नहीं करेगा.

चीन और अमेरिका के बीच संतुलन साधने के मकसद से किम ने बीजिंग की यात्रा की
विश्लेषकों का मानना है कि चीन और अमेरिका के बीच संतुलन साधने के मकसद से किम ने बीजिंग की यात्रा की. उनका मानना है कि अपने आर्थिक एवं कूटनीतिक संरक्षक चीन से अच्छे रिश्ते बनाए रखते हुए अमेरिकी एवं चीनी हितों के बीच संतुलन साधने के लिए किम ने यह यात्रा की.

सिंगापुर में 12 जून को किम और ट्रंप के बीच हुई शिखर वार्ता में चीन मौजूद नहीं था
सिंगापुर में 12 जून को किम और ट्रंप के बीच हुई शिखर वार्ता में चीन मौजूद नहीं था, लेकिन उसने सिंगापुर जाने के लिए किम को एक विमान उपलब्ध कराया था. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि इस कूटनीतिक हलचल में चीन एक प्रभावशाली ताकत है.

किम जोंग को इस देश से है खासा लगाव, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने मंगलवार(19 जून) को बीजिंग पहुंचकर चीनी राष्ट्रपति शी शी जिनपिंग को अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हुई अपनी ऐतिहासिक वार्ता की जानकारी दी और कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण में बीजिंग की ‘‘महत्वपूर्ण भूमिका’’ को रेखांकित किया. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार शी और किम ने चीन-उत्तर कोरिया के मौजूदा रिश्तों और कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर चर्चा की. मार्च के बाद से किम का यह तीसरा बीजिंग दौरा है. किम और शी के बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और चीन ऋण संबंधी मामलों पर व्यापरिक युद्ध की स्थिति उत्पन्न होने की कगार पर है.

सिंगापुर में ट्रंप से मलाकात से पहले दो बार किम बीजिंग गए थे
सिंगापुर में ट्रंप से मलाकात से पहले दो बार किम बीजिंग गए थे. किम इस बार विमान के जरिए चीनी शीर्ष नेता से मिलने यहां पहुंचे. पहले दो बार की तरह किम का यह दौरा गोपनीय नहीं रखा गया और कोरियाई नेता के विमान के यहां उतरते ही चीन ने उनकी यात्रा की आधिकारिक घोषणा कर दी.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने कहा, ‘‘वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के प्रमुख और डेमोक्रेटिक पीपल्स पार्टी ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के विदेशी मामलों के प्रमुख किम जोंग-उन 19 से 20 जून तक चीन की यात्रा पर आएं हैं.’’ शी ने ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में किम के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया.

नपुट भाषा से भी