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PML-N पार्टी के नाम में से ‘N’ हटाने के लिए अदालत में याचिका, ये है वजह

पेशावर: पेशावर उच्च न्यायालय में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन पार्टी के नाम से ‘एन’ शब्द को हटाने के लिए एक याचिका दायर की गई है. द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वकील ने रिट याचिका दायर करके दलील दी है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को एक जवाबदेही अदालत ने 10 साल की सजा सुनवाई है और वह जीवन भर किसी सरकारी पद पर आसीन होने के लिए भी अयोग्य हैं, लिहाजा पार्टी के नाम में से ‘नवाज’ शब्द को हटाना चाहिए. याचिकाकर्ता ने कहा कि नवाज शरीफ के नाम पर एक सियासी पार्टी होने का कोई औचत्य नहीं है क्योंकि जवाबदेही अदालत ने उन्हें वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने सुशासन, विकास और पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ हित के लिए आजादी के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग की अगुवाई की थी, लेकिन शरीफ ने पार्टी को दो भागों– पीएमएल और पीएमएल-एन में विभाजित किया है.

पाकिस्तान: अदालत ने नवाज शरीफ को दी राहत, मंजूर की ये याचिका
पाकिस्तान की एक शीर्ष अदालत ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और उनके दो बेटों के खिलाफ लंबित भ्रष्टाचार के मामले दूसरी अदालत में स्थानातंरित करने की मांग से जुड़ी याचिका को मंजूरी दे दी. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की एक खंड पीठ ने संक्षिप्त आदेश जारी किया जिसे उन्होंने पहले आज सुरक्षित रखा था. खंडपीठ में दो न्यायाधीश -न्यायमूर्ति आमिरफ फारूक और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन थे.

सुनवाई के दौरान शरीफ के वकील ख्वाजा हारिस ने दलील थी कि शरीफ परिवार के लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा दायर किए गए सभी मामलों में संयुक्त जांच दल के प्रमुख वाजिद जिया गवाह हैं जबकि जवाबदेही अदालत के पीठासीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुहम्मद बशीर पहले ही सभी तीन संदर्भों में महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी रूख बयां कर चुके हैं. उन्होंने अदालत से मामले ऐसे न्यायाधीश की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया जो एक नये परिप्रेक्ष्य के साथ तथ्यों और कानून के प्रस्तावों को देख सके.

नवाज शरीफ को मिली राहत, लाहौर हाईकोर्ट ने सजा के खिलाफ दायर याचिका की मंजूर
लाहौर हाईकोर्ट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद मोहम्मद सफदर को एवेनफील्ड संपत्ति भ्रष्टाचार मामले में मिली कैद की सजा के खिलाफ दायर याचिका मंजूर कर ली. हाईकोर्टके मुख्य न्यायाधीश मुहम्मद यावर अली ने वकील ए के डोगर की याचिका पर सुनवाई के लिए एक पूर्ण पीठ का गठन किया.

डोगर नवाज शरीफ के वकील होने के साथ ही मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के भी वकील हैं. डोगर ने एवेनफील्ड मामले में पिछले महीने शरीफ परिवार को जवाबदेही अदालत द्वारा सुनायी गयी सजा रद्द करने की मांग की है.

न्यायमूर्ति अली ने न्यायमूर्ति शम्स महमूद मिर्जा, न्यायमूर्ति साजिद महमूद सेठी और न्यायमूर्ति मुजाहिद मुस्तकीम की तीन सदस्यीय पीठ गठित की जो आठ अगस्त को डोगर की याचिका पर सुनवाई करेगी. इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत ने विदेश में उनके परिवार द्वारा संपत्तियों की खरीद से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छह जुलाई को शरीफ, मरियम और सफदर को क्रमश: 10, सात और एक साल कैद की सजा सुनाई थी.

इनपुट भाषा से भी