EBM News Hindi

दुष्कर्म करने वाले को उम्र कैद 5 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म

पाक्सो एक्ट अभय कृष्ण तिवारी न्यायाधीश ने आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई  है पांच वर्ष की बच्ची को कार में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले को विशेष न्यायाधीश

डीजीसी सुनीति कुमार पाठक की गाइडलाइन में एडीजीसी क्राइम रीतराम राजपूत ने अभियोजन का पक्ष रखा। पीड़िता के पिता ने थाना आंवला में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 5 वर्षीय पुत्री को 19 अक्टूबर 2015 को दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे उसका नौकर अमन बहला-फुसला कर घर के अंदर खड़ी डिजायर कार में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अमन के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 व पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

सत्र परीक्षण के दौरान अभियुक्त के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियुक्त को पुलिस घर से पकड़कर लायी थी और उसे झूठा फंसा दिया गया। एडीजीसी क्राइम रीतराम राजपूत ने कहा कि अपराधी पीड़िता के घर में नौकर था और उसी ने दुष्कर्म किया है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अमन मौर्य को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा-4 के अपराध में पंद्रह वर्ष का सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराधी द्वारा जमा किये जाने वाले अर्थदण्ड में से चालीस हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाने का भी आदेश दिया है।

अपराधी की मां बोली- हाईकोर्ट में करेंगे अपील
दोष सिद्ध होने पर अपराधी अमन मौर्य की मां सजा सुनाने के दौरान अपने बेटे को पथरायी आंखों से निहारती रही। सजा होने पर बोली कि सेशन कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कहा कि उनका बेटा बेकसूर है। उसे गलत फंसा दिया गया है। बीते पांच वर्षों से जेल में सजा भुगत रहा है। घटना के समय अमन भी नाबालिग था मगर उसे बालिग बता कर मुकदमा चलाया गया। बेटे के साथ न्याय नहीं हुआ है।

सत्र परीक्षण के दौरान अभियुक्त के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियुक्त को पुलिस घर से पकड़कर लायी थी और उसे झूठा फंसा दिया गया। एडीजीसी क्राइम रीतराम राजपूत ने कहा कि अपराधी पीड़िता के घर में नौकर था और उसी ने दुष्कर्म किया है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अमन मौर्य को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा-4 के अपराध में पंद्रह वर्ष का सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराधी द्वारा जमा किये जाने वाले अर्थदण्ड में से चालीस हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाने का भी आदेश दिया है।

अपराधी की मां बोली- हाईकोर्ट में करेंगे अपील
दोष सिद्ध होने पर अपराधी अमन मौर्य की मां सजा सुनाने के दौरान अपने बेटे को पथरायी आंखों से निहारती रही। सजा होने पर बोली कि सेशन कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कहा कि उनका बेटा बेकसूर है। उसे गलत फंसा दिया गया है। बीते पांच वर्षों से जेल में सजा भुगत रहा है। घटना के समय अमन भी नाबालिग था मगर उसे बालिग बता कर मुकदमा चलाया गया। बेटे के साथ न्याय नहीं हुआ है।

अपराधी की मां बोली- हाईकोर्ट में करेंगे अपील
दोष सिद्ध होने पर अपराधी अमन मौर्य की मां सजा सुनाने के दौरान अपने बेटे को पथरायी आंखों से निहारती रही। सजा होने पर बोली कि सेशन कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कहा कि उनका बेटा बेकसूर है। उसे गलत फंसा दिया गया है। बीते पांच वर्षों से जेल में सजा भुगत रहा है। घटना के समय अमन भी नाबालिग था मगर उसे बालिग बता कर मुकदमा चलाया गया। बेटे के साथ न्याय नहीं हुआ है।

रिपोर्टर रामू सिंह ठाकुर