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पेशावर के आर्मी स्कूल का हमलावर फजलुल्ला मारा गया, 50 लाख डॉलर का था इनाम

वाशिंगटन : अफगानिस्तान के पूर्वी कुनार प्रांत में अमेरिका के ड्रोन विमान हमले में पाकिस्तानी तालिबान का प्रमुख मौलाना फजलुल्ला मारा गया है. अफगानिस्तानी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की. अमेरिका ने फजलुल्ला को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा था. उसके सिर पर 50 लाख डॉलर का इनाम था.

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने अफगानिस्तान में एक बड़े आतंकवादी को निशाना बना कर हमला किया. हालांकि, उसने आतंकवादी की पहचान नहीं बताई थी. लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन ओ डोन्नेल ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा के निकट कुनार प्रांत में 13 जून को आतंकवाद विरोधी एक अभियान चलाया, जिसमें एक आतंकवादी संगठन के प्रमुख को निशाना बनाया गया.

अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद रदमानिश ने सीएनएन से इस बात की पुष्टि की कि फजलुल्ला हमले में मारा गया. पाकिस्तानी अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दंगम जिले के नुर गुल काले गांव में हुए ड्रोन हमले में फजलुल्ला और तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) के चार अन्य कमांडर मारे गए. रिपोर्टों में कहा गया है कि जब अमेरिकी ड्रोन ने हमला किया तो फजलुल्ला और उसके कमांडर इफ्तार कर रहे थे. हालांकि, टीटीपी ने ड्रोन हमले में अपने प्रमुख की मौत हो जाने की पुष्टि नहीं की है.

फजलुल्ला ने 2013 में इस संगठन की कमान संभालने के बाद से अमेरिका और पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े हमले किए हैं, जिनमें दिसंबर 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला भी शामिल है. इस हमले में 130 बच्चों समेत 151 लोग मारे गए थे.

अमेरिका ने कहा कि फजलुल्ला ने 2012 में मलाला यूसुफजई की हत्या का भी फरमान दिया था. अमेरिका ने यह हमला उस वक्त किया है, जब अफगान तालिबान और अफगान सुरक्षा बलों के बीच रमजान के खत्म होने तक संघर्षविराम को लेकर सहमति बनी हुई है.