EBM News Hindi

महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान को चेताया, कहा- रमजान में युद्धविराम का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

जम्मू : जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पाकिस्तान रमजान से जुड़ी भावनाओं का सम्मान करे और सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन पर रोक लगाए. यह बात उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में प्रभावित लोगों से मुलाकात के दौरान कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा रमजान के दौरान सुरक्षा अभियानों पर रोक लगाए जाने से राज्य के लोगों ने राहत की सांस ली है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पर शांति लाने के लिये सकारात्मक प्रतिक्रिया देनी चाहिए.

मुफ्ती ने कहा कि पाकिस्तान ने रमजान के पाक महीने में युद्ध विराम का उल्लंघन किया है, जिससे इबादत और तोबा करने के महीने में कीमती जानें गई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “रमजान के पाक महीने में पाकिस्तान जो कर रहा है वह बर्दाश्त करने वाला नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाक महीने में युद्ध विराम की घोषणा की है मगर पाकिस्तान इसका उल्लंघन कर रहा है.” उन्होंने कहा, “लगता है कि मुस्लिम देश होने के बावजूद पाकिस्तान को पाक महीने के प्रति कम सम्मान है. मुस्लिम इस महीने में अपना समय इबादत और पश्चाताप करने में बिताता है.”

उन्होंने इस बात की याद दिलाई कि 2003 में संघर्ष विराम की घोषणा के बाद एक दशक से अधिक समय तक सीमा पर पूरी शांति रही और पाकिस्तानी नेतृत्व से अपील की कि वे रमजान के पाक महीने से जुड़ी भावनाओं का सम्मान करें. महबूबा ने सीमावर्ती क्षेत्रों आरएस पुरा, सांबा और जम्मू के अन्य क्षेत्रों का दौरा किया जो पिछले कुछ दिनों के दौरान सीमा पार से गोलाबारी से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं.

उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की. पीड़ित लोगों ने भी मुख्यमंत्री को अपनी परेशानियों से अवगत कराया. राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण और आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद मुस्तफा मीर भी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ थे. आरएस पुरा में उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की, जिन्होंने स्थानीय आईटीआई, चक्रोई फार्म और सतारियां में शरण ली है. लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सीमा पर लगातार खराब हालात की वजह से बेहद चिंतित हैं और उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की जान, संपत्ति और शांति को और नुकसान से बचाने के लिए तत्काल इसे समाप्त करने की अपील की.

पाकिस्तानी गोलीबारी में 2 बच्चों समेत 12 की मौत
पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा पिछले नौ दिनों में सीमा से लगे जम्मू, सांबा और कठुआ में की गई गोलाबारी में दो नाबालिग बच्चों और बीएसएफ के दो जवानों समेत 12 लोग मारे गए हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा से एक लाख से अधिक लोग पलायन कर गए हैं. हालांकि, पिछले दो दिनों से गोलीबारी नहीं हो रही है.

व्यक्ति की हत्या की निंदा की
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बांदीपुरा जिले में गुरुवार की रात लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा एक व्यक्ति की हत्या किए जाने की निंदा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि इस अमानवीय कृत्य के दोषियों के मन में रमजान के पवित्र महीने और इस्लाम की शिक्षाओं के लिए कोई सम्मान नहीं है. पुलिस ने उत्तर कश्मीर में बांदीपुरा जिले हजिन इलाके से एक व्यक्ति का गला कटा शव बरामद किया था. पुलिस ने बताया कि मोहम्मद याकूब वागे की हजिन इलाके में गुंडा प्रेंग गांव में उसके घर के समीप आतंकवादियों ने हत्या कर दी.

पुलिस चौकी पर आतंकी हमला
शुक्रवार की शाम आतंकवादियों ने कुलगाम जिले में एक पुलिस चौकी पर हमला कर दिया. इस घटना में किसी के हताहत होने के समाचार नहीं मिले हैं. पुलिस ने सेना के साथ इलाके की घेराबंदी कर आंतवादियों को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.