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आधी रेलगाड़ियां भी मुश्किल से समय पर चला पा रहा उत्तर रेलवे, समीक्षा में हुआ खुलासा

नई दिल्ली : रेलवे, इंफ्रास्टक्चर बेहतर करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के कई दावे समय – समय पर करता रहता है. लेकिन हकीकत ये है कि रेलवे का सबसे महत्वपूर्ण जोन उत्तर रेलवे अपनी आधी रेलगाड़ियां भी बड़ी मुश्किल से समय से चला पा रहा है. ये खुलासा शुक्रवार को रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात की ओर से रेलवे के पांच जोनों के सीपीटीएम और पीसीओएम की बैठक के दौरान हुआ. रेल मंत्रालय की ओर से सभी जोनों में मंडल रेल प्रबंधक और सीनियर डीओएम स्तर के अधिकारियों को रेलगाड़ियों को समय से चलाने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.

उत्तर रेलवे में मात्र 56 फीसदी गाड़ियां ही समय पर
बैठक में पांच जोनों में रेलगाड़ियों के समय पर चलने की स्थिति की समीक्षा के दौरान ये तथ्य सामने आए कि उत्तर रेलवे शुक्रवार को मात्र 56 फीसदी रेलगाड़ियों को ही समय पर चला सका. आंकड़ों के अनुसार 122 में से 48 रेलगाड़ियां विभिन्न कारणों के देरी से चल रहीं थीं. वहीं आंकड़ों की समीक्षा से ये तथ्य सामने आए कि गाड़ियों को समय से चलाने की स्थिति दिन प्रति खराब होती जा रही है. उत्तर रेल अधिकारियों की मानें तो उत्तर रेलवे में औसतन मात्र 60 फीसदी गाड़ियां समय पर चल पा रही हैं.

गाड़ियों को समय पर चलाने के लिए जारी किए गए आदेश
उत्तर रेलवे में रेलगाड़ियों को समय पर चलाए जाने के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से कई निर्णय लिए गए हैं. इसके तहत किसी भी गाड़ी के चलने के समय में तब तक परिवर्तन नहीं किया जाएगा जब तक बेहद जरूरी न हो. गाड़ियों को समय से चालने के लिए उत्तर रेलवे से लगने वाले जोन व मंडलों से बेहतर तालमेल बनाया जाएगा. किसी एक मंडल से दूसरे मंडल में कितनी देर में गाड़ी पहुंचेगी इसकी भी सूचना पहले से दी जाएगी. गाड़ियों के मेंटिनेंस के लिए वॉशिंग लाइन स्लॉट और अन्य संसाधनों की बेहतर प्लानिंग होगी.

रेलवे के सदस्य यातायात खुद रखेंगे नजर
एक तरफ जहां रेलवे के सभी मंडलों को गाड़ी को समय पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं वहीं लगभग 36 ट्रेनों के समय से चलने की स्थिति पर रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात खुद नजर रखेंगे. इन ट्रेनों में लगभग सभी मेल एक्सप्रेस ट्रेनें हैं. इनमें प्रमुख रूप से अमृतसर हावड़ा एक्सप्रेस, अमृतसर मेल गोमती एक्सप्रेस जनसेवा एक्सप्रेस आदि गाड़ियां शामिल हैं.