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नोएडा पुलिस ने नाबालिग लड़की को 8 दिनों तक थाने में रखा, NHRC ने DGP से मांगा जवाब

नोएडा: एक मीडिया रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेते हुए नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते के भीतर मामले की पूरी जानकारी मांगी है. जानकारी के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने 14 साल की नाबालिग लड़की को पुलिस चौकी में आठ दिनों तक हिरासत में रखा. इस दौरान पुलिस ने उसपर बहुत ज्यादा अत्याचार किया. पूछताछ के दौरान पुलिस ने नाबालिग को सिगरेट से जलाया. नाबालिग पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करते हुए उसे इलेक्ट्रिक शॉक भी दिया गया. जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की एक घर में डोमेस्टिक हेल्प का काम करती थी. मालिक ने उसपर चोरी का इल्जाम लगाया, जिसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई और थाने में उसपर अत्याचार किए गए.

पुलिस को अमानवीय क्रूरता की इजाजत नहीं- NHRC
NHRC के मुताबिक, अगर मीडिया रिपोर्ट सच साबित होता है तो यह दिल दहलाने वाली घटना है. यह घटना पुलिस की क्रूरता की कहानी बयां करती है. जांच में अगर इस घटना की पुष्टि होती है तो आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. NHRC ने कहा कि कानून इस तरह की अमानवीय क्रूरता की इजाजत नहीं देता है. पुलिस को कोई हक नहीं है कि वह निर्दोष लोगों पर इस तरह जुर्म करे.

सलारपुर पुलिस चौकी की घटना
यह घटना सलारपुर पुलिस चौकी की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के घरवालों ने कहा कि नोएडा पुलिस ने 14 मई को उनकी बेटी को हिरासत में लिया था. पुलिस ने उसे 16 मई तक पुलिस चौकी में ही रखा. इस दौरान उन्हें अपनी बेटी से नहीं मिलने दिया गया. 16 मई को उसे अचानक छोड़ दिया गया. अगले दिन 17 मई को पुलिस ने फिर से नाबालिग को हिरासत में ले लिया. इस दफा पुलिस ने उसके 17 साल के भाई को भी हिरासत में लिया. 17 मई से 22 मई तक दोनों भाई-बहन पुलिस की हिरासत में रहे. एक NGO के दखल देने के बाद 22 मई की रात को दोनों को छोड़ दिया गया.

NGO ने नाबालिग को पुलिस हिरासत से बचाया
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने इस मामले में दखल दिया. अगले दिन 23 मई को CWC ने नाबालिग लड़की का मेडिकल टेस्ट करवाया. मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उसके शरीर पर सिगरेट से जले होने के निशान पाए गए हैं. मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया कि ज्यादातर निशान 10 दिन पुराने हैं. रिपोर्ट के मुताबिक नाबालिग को बुरी तरह पीटा गया था, जिसके निशान पाए गए हैं.

मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि
मीडिया में खबर आने के बाद नोएडा सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन के SHO ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि लड़की नाबालिग नहीं है. बाद में NGO (बचपन बचाओ आंदोलन) ने शिकायत दर्ज कराई. NGO की शिकायत पर नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (NALSA) ने नोएडा के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस से जानकारी मांगी है.