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नेपाल की अदालत ने गोवध पर दिया बड़ा फैसला, सुनाई 12 साल की सजा

काठमांडो: नेपाल में गायों का वध करने के आरोप में एक व्यक्ति को 12 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. गाय हिंदू बहुल देश नेपाल का राष्ट्रीय पशु है. जिला अदालत के सूचना अधिकारी टेक राज गैरे ने बताया कि न्यायमूर्ति रामचंद्र पौडेल की एकल पीठ ने यम बहादुर खत्री को तीन गायों के वध को लेकर यह फैसला सुनाया. खत्री के पड़ोसी बलदेव भट्ट ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. नेपाल के कानून के अनुसार गोवध पर प्रतिबंध है. नेपाल 2008 में धर्मनिरपेक्ष राज्य बना था. देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान में 2015 में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया था.

नेपाल PM का मंत्रियों को फरमान- 6 महीनों के अंदर Laptop सीखो, वरना हो जाओगे बर्खास्त
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपनी सरकार के मंत्रियों को बुधवार (30 मई) को चेतावनी दी कि अगर वे छह महीने के भीतर लैपटॉप चलाना नहीं सीख पाए तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा. ओली फरवरी में दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को छह महीने के भीतर कागज मुक्त बनाया जाएगा. ‘काठमांडो पोस्ट’ के अनुसार नेपाल राष्ट्रीय शिक्षक संगठन के 12 वें महा सम्मेलन में उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद में शामिल कोई भी शख्स जिसे लैपटॉप चलाना नहीं आता है , उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा.

ओली ने कहा, ‘‘मैंने पहले ही मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा है कि हम छह महीने के भीतर कार्यालय को कागज मुक्त बना देंगे और बैठक के कार्यक्रम और एजेंडा पर चर्चा लैपटॉप का इस्तेमाल करके की जाएगी.’’ उन्होंने कहा कि मंत्री लैपटॉप चलाने में छह महीने के लिये अपने सहायकों की मदद ले सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘छह महीने के बाद खुद से लैपटॉप नहीं चला पाने वाले मंत्री की हम छुट्टी कर देंगे.’’ ओली ने कहा कि बर्खास्त मंत्रियों को लैपटॉप दिया जाएगा ताकि वे अपने अगले कार्यकाल तक उसे चलाना सीख सकें. ओली ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक निश्चित अवधि के भीतर नेपाल को सूचना प्रौद्योगिकी के अनुकूल देश बनाना है.

ओली सरकार में शामिल होगी नेपाल की प्रमुख मधेसी पार्टी
नेपाल की एक प्रमुख मधेसी पार्टी फेडरल सोशलिस्ट फोरम (एफएसएफ) ने देश की कम्युनिस्ट सरकार में शामिल होने का फैसला किया है. इससे पहले एफएसएफ और प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की पार्टी के बीच एक समझौता हुआ कि सरकार मधेसियों की ‘ उचित ’ मांगों पर गौर करेगी.

फेडरल सोशलिस्ट फोरम के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने एनसीपी के दो अध्यक्षों, के पी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल ‘ प्रचंड ’ के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये. इस समझौते के तहत प्रधानमंत्री ओली की सरकार इस बात के लिए सहमत हुई कि वह आंदोलन के दौरान एफएसएफ द्वारा उठाये गए मुद्दों और संविधान संशोधन से जुड़े विषयों को आपसी समझ के आधार पर सुलझाएगी.

इसके बाद यादव ने कहा , ‘‘ हमारी पार्टी हमारे बीच हुए समझौतों के आधार पर एनसीपी सरकार में शामिल होगी. ’’ एफएसएफ 275 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में 16 सदस्यों के साथ चौथी सबसे बड़ी पार्टी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक उसे मंत्रिमंडल में उपप्रधानमंत्री सहित तीन मंत्री पद मिल सकते हैं.

इनपुट भाषा से भी