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एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा अमेरिका

बैंकॉक: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शनिवार को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग बढ़ाने के लिए करीब 30 करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा की. पोम्पियो ने सिंगापुर में दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्र संगठन (आसियान) शिखर सम्मेलन से इतर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,”यह निवेश समुद्री सुरक्षा को मजबूती, मानवीय सहायता, शांति बनाए रखने की क्षमताओं और अंतर्राष्ट्रीय खतरों से सामना करने वाले कार्यक्रमों को बेहतर बनाएगा. ”

समाचार एजेंसी एफे की खबर के मुताबिक, वह आसियान-अमेरिका सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए अन्य देशों के अपने समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे. उत्तर कोरिया और किम जोंग उन शासन पर प्रतिबंध बनाए रखने की जरूरत की उनके एजेंडे में हावी रहने की संभावना है.

अमेरिका को भारत-एशिया प्रशांत क्षेत्र में सैन्य क्षमता बरकरार रखनी चाहिए
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने भारत-एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख के बीच कहा है कि अमेरिका को इस क्षेत्र में आक्रामक गतिविधियों को रोकने के लिए सैन्य क्षमता बनाए रखनी चाहिए. प्रतिनिधि सभा ने वार्षिक रक्षा बजट को मंजूरी देते हुए कहा कि भारत-एशिया प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता एवं सुरक्षा बनाए रखने में अमेरिका का राष्ट्रीय हित है.

नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट (एनडीएए) 2018 में कहा गया है कि अमेरिका को ‘आक्रामक गतिविधियों को रोकने एवं क्षेत्रीय खतरों पर कार्रवाई करने के लिए सैन्य क्षमता बरकरार रखनी चाहिए’. इसमें बलों को पुनर्गठित करने के प्रयास जारी रखने, अधिक संसाधन मुहैया कराने और क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की अपील की गई है क्योंकि यह क्षेत्र में मजबूत अमेरिकी प्रतिबद्धता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है.

इसमें निर्देश दिया गया है कि रक्षा मंत्री सामरिक योजना तैयार करें, इसे अगले साल की शुरुआत में कांग्रेस के पास जमा कराएं और अमेरिका प्रशांत रुख एवं तैनाती योजनाओं और जटिल स्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता का मूल्यांकन करें. अमेरिका ने बलों के पुनर्मूल्यांकन एवं पुनर्गठन की अपील ऐसे समय में की है जब चीन विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में आक्रामकता लगातार बढ़ा रहा है.