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अलग-अलग तरह के खजूर और उनके लाजवाब फायदे

रमजान का मुबारक महीना शुरू हो गया है। हर साल इस महीने में खजूर की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। रोजा खोलने के लिए यह रोजेदारों का पसंदीदा फल है। वैसे तो खजूर सालभर बिकती है, लेकिन रमजान में इसकी बिक्री चरम पर होती है। जानते हैं इसके महत्व और फायदों के बारे में…

रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय अपना रोजा खोलने से पहले खजूर खाना पसंद करते हैं। ऐसा मानते हैं कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब खजूर से ही अपना रोजा खोलते थे इसलिए पाक महीने में रोजा रखने वाले मुस्लिम पैगंबर साहब की सुन्नत का पालन करते हुए अपना रोजा खोलते हैं। पूरे दिन रोजा रहने के बाद खजूर खाकर रोजा खोला जाता है। अगर किसी के पास खजूर नहीं है तो वह पानी पीकर रोज खोल सकता है। इफ्तारी के वक्त खजूर खाना सुन्नत माना जाता है। पैगंबर मोहम्मद जो भी काम करते थे उसे सुन्नत कहा जाता है। रमजान में खजूर खाने की एक वह यह भी है।

अलग-अलग तरह के खजूर और उनके फायदे

अजवा

यह खजूर का राजा है, जानकारों के मुताबिक यह खजूर मोहम्मद साहब को सबसे ज्यादा पसंद थी।

मेडजूल

यह शुगर फ्री खजूर है जिसे डायबिटीज रोगी ज्यादा पसंद करते हैं।

कलमी

इसमें पोटैशियम अधिक होता है इसलिए यह डायरिया में फायदेमंद है।

मबरूम

ये मिनरल्स व एंटीऑक्सीडेंट है, कैंसर रोगियों के लिए फायदेमंद

अंबर

यह घाव को तेजी से भरने में काफी कारगर होती है।

खुदरी

भूरे रंग की इस खजूर में सबसे अधिक ऊर्जा होती है।

जाहिदी

विटामिन ए, बी और सी पाया जाता है, इससे रक्त प्रवाह आसान होता है।

सफावी

ये एनीमिया से लड़ने और शरीर की एसिडिटी कम करने में फायदेमंद है।

सुक्कारी

यह गीली खजूर होती है और तत्काल ऊर्जा देने में सहायक होती है।

खजूर के ये फायदे भी हैं खास

1. खजूर खाने से बॉडी को फौरन एनर्जी मिलती है।

2. इसको खाने के बाद भूख भी कम लगती है।

3. खजूर में काफी मात्रा में फाइबर मौजूद होता है।

4. इसमें ग्लूकोज, फ्रक्टोज और सुक्रोज ज्यादा होते हैं।

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