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Coronavirus 10 Facts & Myths: क्या आप जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़े ये10 फैक्ट्स और मिथक?

नई दिल्ली। Coronavirus 10 Facts & Myths: कोरोना वायरस ने अब तक दुनिया भर में 26 लाख से ज़्यादा लोगों को संक्रमित कर दिया है, जबकि इसकी वजह से करीब दो लाख लोगों की जान जा चुकी है। सांस की तकलीफ को बढ़ाने वाले इस वायरस की पहचान सबसे पहले चीन के वुहान शहर में पिछले साल हुई। तेज़ी से फैलने वाला ये संक्रमण निमोनिया जैसे लक्षण पैदा करता है।

दुनिया के लगभग सभी देशों ने इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया हुआ है। जिसमें सभी लोग अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ये वायरस कैसे फैलता है। साथ ही जानें इससे जुड़े तथ्य और मिथ्य-

कोरोना वायरस कई वायरसों का एक समूह है। पशुओं में यह वायरस पाया जाना सामान्य है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने पर मुंह या नाक से निकली बूंदे के ज़रिए फैलता है। संक्रमित व्यक्ति को छूने और हाथ मिलाने से भी यह वायरस दूसरे व्यक्ति को चपेट में ले लेता है। ऐसी सतह जिस पर वायरस हो, उसे छूने के बाद यदि आप अपने मुंह, आंख या नाक को छूते हैं, तो उससे आप भी संक्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि इसके संक्रमण के कारण मौत का ख़तरा कम है, ऐसे में यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि संक्रमण का मतलब मौत है।

1. क्या घर के पालतू जानवरों से भी ये वायरस फैल सकता है?

ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं जिसमें पालतू कुत्ते, बिल्ली और यहां तक कि चिड़ियाघर में बाघ भी कोरोना वायरस पॉज़ीटिव पाया गया। लेकिन, इसके बावजूद अभी तक ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिससे ये साबित हो कि पालतू जानवरों से भी इंसानों को कोरोना वायरस संक्रमण का ख़तरा हो सकता है। हालांकि, जानवरों से संपर्क के बाद हमेशा अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं। ऐसा करने से आप ई-कोली और सैलमोनेला जैसे बैक्टीरिया से बचे रहेंगे।

2. क्या नया कोरोना वायरस बूढ़े लोगों या युवाओं को भी प्रभावित करता है? 

सभी उम्र के लोगों को कोरोना वायरस प्रभावित कर सकता है। बूढ़े लोग या फिर जो पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ या दिल की बीमारी से ग्रस्त हैं, उनके इस वायरस से बीमार पड़ने का ज़्यादा ख़तरा है। WHO सभी उम्र के लोगों को वायरस से खुद को बचाने के लिए कदम उठाने की सलाह देता है।

3. क्या एंटीबायोटिक्स इस नए कोरोनावायरस को रोकने और इसके उपचार में फायदेमंद हैं?

कोरोनो वायरस की रोकथाम या उपचार के साधन के रूप में एंटीबायोटिक्स का उपयोग प्रभावी नहीं है। हालांकि, आपको कोरोना वायरस की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। ज़रूरत पड़ने पर आपको एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती हैं, जिनसे आपको राहत मिल सकती है, क्योंकि बैक्टीरिया के कारण अन्य बीमारियां भी पैदा हो सकती हैं।

4. क्या कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कोई खास दवा उपलब्ध है?

कोरोना वायरस की फिलहाल कोई दवा नहीं है, इससे बचाव ही इसका इलाज है। इस वक्त दुनिया के सभी वैज्ञानिक इसका वैक्सीन बनाने में दिन-रात एक कर रहे हैं। हालांकि, इस वायरस से संक्रमित लोगों को इसके लक्षणों की उचित समझ और सलाह दी जानी चाहिए।

5. N95 मास्क पहनना कितना ज़रूरी? 

कोरोना वायरस के तेज़ी से बढ़ते हुए संक्रमण की वजह से भारतीय सरकार ने सभी को मास्क पहनने का आदेश दिया है। हालांकि, ज़रूरी नहीं है कि ये N95 मास्क ही हो। इससे पहले ये भी कहा गया था कि सभी लोग N95 मेडिकल कर्मियों और उन लोगों के लिए छोड़ दें जो कोरोना के मरीज़ की देखभाल कर रहे हैं।

6. लोगों से कितनी दूरी बरतनी चाहिए?

क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण की रेंज का दायरा 2 मीटर का है, इसलिए अगर आप किसी से दो मीटर की दूरी बनाकर मिलते हैं, तो आपको डरने की ज़रूरत नहीं है।

7. क्या अल्कोहल से मरता है इंफेक्शन?

ऐसी ख़बरें बिल्कुल बेबुनियाद हैं, जिसमें बताया जाता है कि अल्कोहल से कोरोना वायरस ख़त्म हो जाता है। इसका सिर्फ और सिर्फ सेनिटाइज़र में इस्तेमाल फायदेमंद है।

8. क्या नॉन वेज खाना सुरक्षित है? 

कोरोना वायरस नॉन वेज खाने से नहीं फैलता है बल्कि ऐसी अफवाह फैलाई जा रही है कि नॉन वेज से संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है। इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि मांस अच्छी तरह पका हो और बिल्कुल भी कच्चा न हो। ज़्यादातर, इंफेक्शन कच्चा खाने से ही होते हैं। हां, कोई अन्य संक्रमण से बचने के लिए नॉन वेज से दूरी रखना ज़रूरी है।

9. तापमान से नहीं है रिश्ता

यह वायरस सिंगापुर जैसे गर्म देशों में भी फैल रहा है तो इटली और साउथ कोरिया जैसे ठंडे देशों में भी हुआ है। सर्दी में यह वायरस ज़्यादा समय तक रह सकता है लेकिन अगर हम अपनी तरफ से इंफेक्शन को रोकने के सभी तरीके अपनाते हैं, तो हम सुरक्षित रह सकते हैं।

10. इसकी वैक्सीन या इलाज?

कोरोना वायरस को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन या दवा नहीं आई है क्योंकि यह एक नया वायरस है। सोशल मीडिया की वजह से इस बीमारी को लेकर डर ज़्यादा है। डॉ. गुलेरिया के मुताबिक कोरोना वायरस से मौत की दर 2 से 3% ही है, यानी 98% लोग ठीक हो जाएंगे।

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