EBM News Hindi

J&K में राज्यपाल शासन लगने पर बोला लश्कर-ए-तैयबा का सरगना, ‘जो हुआ वो गलत हुआ’

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी गठबंधन की सरकार गिरने के बाद राज्य में राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया है. घाटी में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चीफ महमूद शाह ने इसकी निंदा की है. महमूद शाह की ओर से बयान जारी कर गया है कि ‘जम्मू कश्मीर की राजनीति में जो कुछ भी हो रहा है, वह गलत है’.

लश्कर के प्रवक्ता डॉ अब्दुल्ला गजनवी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि, जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन को लागू करके जगमोहन के युग को वापस लाने की तैयारी की जा रही है, ताकि बुनियादी ढांचे को तोड़ने और निर्दोषों के नरसंहार को बढ़ावा दिया जा सके. प्रवक्ता का कहना है कि महबूबा मुफ्ती ने घाटी और जम्मू में आरएसएस के एजेंडे की स्थापना करने की पूरी कोशिश की. वर्तमान में भारतायी सेना जम्मू कश्मीर में रह रहे 8 लोगों पर अत्याचार कर रही है. लश्कर के प्रवक्ता का कहना है, ‘जम्मू कश्मीर में रमजान के महीने में संघर्ष-विराम महज एक नाटक था. संघर्ष विराम एक गुप्त लक्ष्य के लिए था, शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए नहीं.’

लश्कर-ए-तैयबा के चीफ का बयान ऐसे समय में आया है जब घाटी में आतंकी गतिविधियों ने जोर पकड़ रखा है. आतंकी लगातार भारतीय सुरक्षाबलों पर हमला कर देश में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं.

राम माधव ने की थी गठबंधन तोड़ने की घोषणा
जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीडीपी गठबंधन से अलग होने की घोषणा खुद भाजपा महासचिव और जम्‍मू-कश्‍मीर के प्रभारी राम माधव ने की. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्‍होंने कहा था कि घाटी के हालातों को देखते हुए गठबंधन में रहना सही नहीं है. वहीं, राज्‍य के उप मुख्‍यमंत्री रहे कविंद्र गुप्‍ता ने भी कहा है कि मैंने और हमारे सभी मंत्रियों-विधायकों ने राज्‍यपाल को अपना इस्‍तीफा भेज दिया है. इसके बाद राज्‍य की मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी कै‍बिनेट के सा‍थ इस्‍तीफा दे दिया.

2017 में लश्कर-ए-तैयबा का चीफ बना है महमूद
बता दें कि 2017 के सितंबर महीने में महमूद शाह ने लश्कर-ए-तैयबा के चीफ बनने की घोषणा की. लश्कर के प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी ने महमूद के नाम का ऐलान करते हुए कहा है कि हम जम्मू-कश्मीर पुलिस को सूचित करना चाहते हैं कि भारतीय सुरक्षाबल हमारी व्यवस्था समझ नहीं पाएंगे. हमारे यहां पद नहीं, काम अहम होता है’.

पाकिस्तान में इंजीनियर्स को ट्रेनिंग दे रहा है लश्कर-ए-तैयबा
उल्लेखनीय है कि महमूद अहमद के बयान से महज एक दिन पहले रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान में इंजीनियर्स को ट्रेनिंग दे रहा है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान के लाहौर के मरकज अल कदेसिया में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हेड क्वार्टर में इन दिनों कुछ छात्रों को मैनेजमेंट का कोर्स कराया जा रहा है. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह सभी पाकिस्तान के इंजीनियर्स हैं. एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इन इंजीनियर्स को ट्रेनिंग के बाद चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर में तैनात किया जाएगा.