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अमेरिका ने माना, कमजोर नेता नहीं हैं किम जोंग उन; उत्तर कोरिया को चेताया

वॉशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ का कहना है कि किम जोंग-उन कमजोर नेता नहीं हैं और उन्होंने उत्तर कोरिया का नेतृत्व करने में जबरदस्त क्षमता का प्रदर्शन किया है. पोम्पिओ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून को सिंगापुर में किम के साथ होने वाली शिखर वार्ता रद्द करने की घोषणा कर दी है. ट्रंप ने शिखर वार्ता रद्द करने के कदम को उत्तर कोरिया के लिए ‘‘एक जबरदस्त झटका’’ बताया और साथ ही आगाह किया कि अगर उत्तर कोरिया ने कोई ‘‘मूर्खतापूर्ण एवं लापरवाही’’ भरी कार्रवाई की तो अमेरिकी सेना उसका जवाब देने को तैयार है.

पिछले कुछ सप्ताहों में किम से दो बार मुलाकात कर चुके पोम्पिओ ने कहा, ‘‘मैंने उनके साथ दो बैठक की, शायद तीन घंटे से ज्यादा, लेकिन यह समय उनको मेरी बात समझाने के लिए काफी था.’’ सीनेटर रॉबर्ट मेनेडेज के सावल कि किम को कमजोर ना मानने के उनके विचार पर उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि वह कमजोर हैं. बल्कि मुझे लगता है कि उन्होंने अपने देश और दल का नेतृत्व करने में जबरदस्त क्षमता का प्रदर्शन किया है.’’

किम के साथ ट्रंप की बैठक रद्द, अमेरिका ने उत्तर कोरिया को मूखर्तापूर्ण कार्रवाई से बचने को कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून को सिंगापुर में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ प्रस्तावित अपनी बैठक गुरुवार (24 मई) को रद्द कर दी और अपने इस फैसले के लिए उत्तर कोरिया के ‘‘जबरदस्त गुस्से’’ एवं ‘‘खुली शत्रुता’’ को जिम्मेदार बताया. उन्होंने साथ ही इस घटनाक्रम को उत्तर कोरिया के लिए ‘‘जबरदस्त झटका’’ बताते हुए चेतावनी दी कि उसके किसी भी तरह की ‘‘मूर्खतापूर्ण एवं लापरवाह’’ कार्रवाई करने पर अमेरिकी सेना जवाब देने के लिए तैयार है.

ट्रंप की घोषणा से कुछ घंटों पहले उत्तर कोरिया ने कथित रूप से अपने परमाणु परीक्षण स्थल को ढहा दिया था. ट्रंप ने किम को एक पत्र लिखा जिसे प्रेस के लिए जारी किया गया. उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘मैं आपके साथ वार्ता को लेकर काफी उत्साहित था. दुखद रूप से आपके हालिया बयान में दिखे जबरदस्त गुस्से एवं खुली शत्रुता के आधार पर मुझे लगा कि लंबे समय से प्रस्तावित यह बैठक करना इस समय सही नहीं होगा.’’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने 24 मई की तारीख वाले अपने पत्र में कहा, ‘‘इसलिए कृपया इस पत्र को संदेश के रूप में देखें कि दोनों पक्षों की भलाई के लिए सिंगापुर शिखर वार्ता नहीं होगी हालांकि इससे दुनिया का नुकसान होगा.’’ ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता को एक साफ चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘आप परमाणु क्षमताओं की बात करते हैं, लेकिन हमारी क्षमता इतनी विशाल एवं शक्तिशाली है कि मैं ईश्वर से कामना करता हूं कि उनका कभी इस्तेमाल ना करना पड़े.’’